घर घर बिछी फरशे अज़ा हुआ ज़िक्रे शोहदाए करबला

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दरियाबाद करेली क्षेत्रों में माहे मोहर्रम की पहली को घर घर मे फरशे अज़ा बिछा कर करबला के बहत्तर शहीदों का ज़िक्र ओलमाओं ने मजलिस मे किया।हक़ और इन्सानियत को ज़िन्दा ओ जावेद बना कर राहे हक़ मे क़ुरबान होने वाले हज़रत इमाम हुसैन की शहादत पर माहे ग़म माहे अज़ा के पहले दिन कोविड गाईड लाईन का पालन करते हुए शारीरिक दूरी बना कर फरशे अज़ा मे लोग शरीक हुए।बख्शी बाज़ार इमामबाड़ा नाज़िर हुसैन से शुरु हुआ अज़ादारी व मजलिस का दौर देर रात्रि तक जारी रहा।इमामबाड़ा नाज़िर हुसैन मे मौलाना आमीरुर रिज़वी ने मसायब ए अहलेबैत पढ़े। स्व खुर्शैद हुसैन,ज़्व्वार हुसैन,मतलूब हुसैन मोजिज़ अब्बास के इमामबाड़ो मे सिलसिलेवार मजलिस हुई।चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डीप्यूटी ज़ाहिद हुसैन मे हुई अशरे की मजलिस को मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर ने खिताब किया वही घंटा घर स्थित इमामबाड़ा सय्यद मियाँ मे ज़ाकिरे अहलेबैत रज़ा अब्बास ज़ैदी ने मजलिस को खेताब किया।रज़ा इसमाईल सफवी व साथियों ने ग़मगीन मर्सिया पढ़ी।पान दरीबा मे मिर्ज़ा हिमायत हुसैन व मिर्ज़ा बाबर के इमामबाड़े मे भी अशरे की मजलिस का आयोजन किया गया।दरियाबाद,करैली,रानी मण्डी,बख्शी बाज़ार,दायरा शाह अजमल,बैदन टोला सहित अन्य मुस्लिम इलाक़ो मे कहीं पुरुषों तो कहीं महिलाओं की मजलिसें हुईं।देर रात तक अज़ाखानो मे फातेहा व नज़्रो नियाज़ व मन्नते मांगने का दौर जारी रहा।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के अनुसार दरियाबाद के पठनवल्ली मे इमामबाड़ा हुसैन अली खाँ मे अशरे की मजलिस हुई वही माहे मोहर्रम की तीन को साँयकाल ५ बजे अशरे की मजलिस होगी और अन्जुमन हाशिमया नौहा और मातम का नज़राना पेश करेगी बाद मजलिस शबीहे ताबूत व ज़ुलजनाह की ज़ियारत भी कराई जाएगी।२ मोहर्रम यानी १२ अगस्त ब्रहस्पतवार को साँय ७:३० पर मंसूर पार्क स्थित नासिर ज़ैदी के आवास पर पुरुषों की मजलिस होगी जिसमे अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया नौहे और मातम का नजराना पेश करेगी।




