श्री राम कथा के तृतीय दिवस शिव विवाह के उत्सव पर हुआ भगवान नागेश्वर का भव्य श्रृंगार

(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। श्री नागेश्वर महादेव मंदिर दंडी स्वामी आश्रम अरैल में श्री राम कथा के तृतीय दिवस की कथा सुनाते हुए श्रीमद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज संरक्षक अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद ने शिव विवाह का दिव्य कथा सुनाते हुए सैकड़ों की संख्या में उपस्थित उपस्थित भक्तों को आनंद विभोर कर दिया महाराज श्री ने बताया कि श्री राम कथा के सच्चे अधिकारी है भगवान शिव जिन्होंने श्री राम कथा के माध्यम से भगवान श्री राम के महिमा का गुणगान वाद करते हुए माता पार्वती को पूर्व जन्म के संसय से मुक्ति दिलाया कथा में राम अवतार के हेतु बताते हुए स्वामी जी ने बताया कि काम क्रोध मोह एवं लोग यह चार व्याधियों जो मनुष्य जीवन के लिए सबसे बड़ा बाधक बताया प्रताप भानु को लोभ हुआ धर्मात्मा राजा होते हुए ब्राह्मणों के श्राप के कारण राक्षस राक्षस होना पड़ा भगवान विष्णु के द्वारपाल जय विजय में अभिमान आया तो सनकादिको का अपमान किया जिसके कारण उन्हें राक्षस बनना पड़ा देव ऋषि नारद जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं तपस्या का मद होने के कारण उनमें काम का वास हो गया और उन्हें बंदर का रूप प्राप्त करना पड़ा इसलिए प्रत्येक मनुष्य को इन चारों व्याधियों से बचते हुए महाराज मनु के जैसे आचरण करना चाहिए निरंतर भगवान के नाम का सुमिरन करते रहने के कारण मनु जो दशरथ के रूप में जन्म लेकर भगवान श्री राम के पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ कथा का अंत में भगवान श्रीराम का जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया कथा में उपस्थित स्वामी रामाश्रम जी डॉक्टर चंद्र देव जी महाराज खाई बाबा जी अनेकों दंडी संन्यासी संत महात्मा एवं आनंद तिवारी अतुल शुक्ला आचार्य ज्ञानेश्वर धनंजय स्वरुप ब्रह्मचारी, दिनेश कुमार मिश्र शारदा मिश्र बलवीर तोमर, परमेश्वर मिश्र, जय गोपाल वत्स, कुरुक्षेत्र आदि सैकड़ों भक्तों ने कथा का आनंद लिया



