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भारतीय भाषाओं का संसार’ विषय पर छात्र-छात्रा संगोष्ठी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं से अपने विद्यार्थियों को
परिचित कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषाओं का संसार’ विषय पर छात्र-छात्रा संगोष्ठी
का आयोजन किया गया। यहां पर यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक भारतीय को अपनी
मातृभाषा के अतिरिक्त एक भारतीय भाषा अवश्य जाननी चाहिए। कार्यक्रम का प्रारम्भ करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या, डॉ0 रमा सिंह ने कहा कि भाषा की दृष्टि से भारत बहुत
धनी देश है। हिन्दी का महत्व उसकी बोलियों के साथ है। सभी भारतीय भाषाएं परस्पर
जुड़ी है। स्थानीयता से उनमें अन्तर आता जाता है। इस संगोष्ठी में इलाहाबाद
विश्वविद्यालय से सोनाली मौर्या, कविता रावत, चांदनी कुमारी, सी.एम.पी. से मसऊद
आलम, आर्य कन्या से करिश्मा श्रीवास्तव, नीलम सिंह, श्रेयजल जायसवाल ने भारतीय
भाषाओं की चर्चा परिचर्चा में अपनी भागीदारी सुनिचित की। आर्य कन्या की श्रेयजल
जायसवाल बीए तृतीय की प्रस्तुति सर्वोत्तम रही जिन्हे प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
डॉ0 अमित पाण्डेय, असिस्टेन्ट प्रो अर्थशास्त्र विभाग ने हिन्दी के संवैधानिक महत्व को
बताते हुए अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 कल्पना वर्मा ने किया, संयोजन
डॉ० शशि कुमारी ने तथा आभार ज्ञापन डॉ० मुदिता तिवारी ने किया। डॉ0 ममता गुप्ता,
डॉ० रेनू जैन, डॉ0 प्रियंका श्रीवास्तव, डॉo हेमलता श्रीवास्तव, डॉ0 नाजनीन फारूकी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने संगोष्ठी में भाग लिया।सुलेख प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार है। श्रेया देवी, बी0ए0 II आर्य कन्या, शिवानी त्रिपाठी एम0ए0, एस.एस. खन्ना, अंजली बी०ए०, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, शालिनी निषाद बी0ए0,आर्य कन्या

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