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महंत बलवीर गिरी ने प्राचीन श्री दशाश्वमेध महादेव का एवं आरती किया

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दारागंज के पूर्वी हिस्से पर गंगा के किनारे पर स्थित ब्रह्मकुंड जिसे ब्रह्मा जी ने बनाया था. पुराणों में वर्णित है यहाँ पर दो शिवलिंग स्थित है। एक शिवलिंग को ब्रह्मा जी ने स्थापित किया था इस लिए इसे ब्रह्मेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है और दूसरा दशाश्वमेध महादेव के नाम से जाना जाता है। मान्यता यह है कि यहां घाट पर जल कभी नहीं सूखता है। उक्त वक्तव्य बताते हुए महंत बलवीर गिरी मठ बाघमबारी गद्दी ने बताया। महंत बलवीर गिरी ने बताया श्री पद्म पुराण व प्रयाग महात्म्य अध्याय के 63 वें अध्याय में इस ब्रह्मकुंड का वर्णन करते हुए लिखा गया है कि यहां स्नान, दान, जप, पूजन आदि शुभ कर्मों के संपादन से मनुष्य ब्रह्म लोक को प्राप्त कर सकता है। महंत बलवीर गिरी ने कहा प्रयागराज में स्थित दशाश्वमेध घाट, जो तीनों लोकों में विख्यात है इस स्थल की पवित्रता व महत्ता के चलते यहां दशाश्वमेध यज्ञ श्री माधव भगवान को प्रसन्न करने के लिए किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि यहां यज्ञ करने से जो फल प्राप्त होता है वह अन्यत्र कहीं नही मिलता। शिवलिंग के दर्शन को वर्ष भर श्रद्धालु आते हैं। महंत बलवीर गिरी ने कहा आज महादेव की कृपा से आज श्री दशाश्वमेध महादेव जी का दर्शन, रूद्राभिषेक पूजन एवं आरती कर महादेव से प्रार्थना की हर हर हर महादेव श्री दशाश्वमेध महादेव जी सभी शिव भक्तो का कल्याण करें।

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