नाचते गाते श्रद्धालुओं ने लगाई अष्टसखी गांव की परिक्रमा

दाऊजी मंदिर से प्रारंभ हुई सप्तकोसीय परिक्रमा
जगह जगह श्रद्धालुओं पर ग्रामीणों ने की पुष्प बर्षा
मथुरा ( अनुराग दर्शन समाचार )। कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर लाडले ठाकुर के सानिध्य में नाचते गाते श्रद्धालुओं ने अष्टसखी गांवों की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाई। वहीं जगह जगह ग्रामीणों द्वारा श्रद्धालुओं पर पुष्प बर्षा कर उनका स्वागत किया। ऊंचागांव दाऊजी मंदिर से सुबह आठ बजे अष्टसखी गांव की सप्तकोसीय परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लाडले ठाकुर के सानिध्य में अष्टसखी गांवों की पैदल परिक्रमा लगाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ऊंचागांव, सुनहरा, कदम्ब खंडी, रांकोली, डभाला, मानपुर, चिकसोली, बरसाना, कमई, करहला, आजनोख गांव में स्थित राधाकृष्ण के तमाम लीला स्थलों के दर्शन किये। वहीं ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता घनश्यामराज भट्ट द्वारा श्रद्धालुओं को सभी लीला स्थलों के महत्व के बारे में बताया गया। परिक्रमा के दौरान गाए जा रहे भजनों पर महिला श्रद्धालु थिरकती नजर आ रही थी। जगह जगह ग्रामीणों द्वारा श्रद्धालुओं पर पुष्प बर्षा कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पदम फौजी ने बताया कि एक दिवसीय पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु थे। यह सप्तकोसीय परिक्रमा अष्टसखी गांवों में होकर दी जाती है। द्वापरयुग में कृष्ण अपने सखाओं के साथ अष्टसखी गांवों में भृमण किया करते थे।




