धर्म एक ही है, जिसे हम सनातन धर्म कहते हैं- शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द

कानपुर (अनुराग दर्शन समाचार )। पाली ग्राम स्थित सिद्ध सन्त ब्रह्मलीन नागा निरंकारी जी महाराज की तप:स्थली में नागा जी महाराज के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में काशी सुमेरु पीठाधीश्वर यति सम्राट् अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित सनातन धर्मावलम्बियों को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि अपने महापुरुषों को स्मरण करना, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता ब्यक्त करना हमारी सनातन परम्परा है | जब-जब सनातन धर्म, परम्परा एवम् संस्कृति पर संकट आते हैं, तब-तब कोई न कोई सन्त-महापुरुष हमारा मार्गदर्शन करने हेतु इस धरा धाम पर आते ही रहते हैं | पूज्य शंकराचार्य भगवान ने कहा कि धर्म एक ही है, जिसे हम सनातन धर्म कहते हैं | अपने धर्म के प्रति हमें समर्पित होना ही चाहिए | अपने सनातन धर्म के लिए हमें शास्त्रों का ज्ञान तो होना ही चाहिए, इसके अलावा हमें शस्त्र का भी ज्ञान होना चाहिए | हर हिन्दू के पास अपने परिवार के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा हेतु शस्त्र होना आवश्यक है |



