इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं में आक्रोश

अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि कानून मंत्री का बयान गैर जिम्मेदाराना और असंवैधानिक
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच बनाने के बयान ने तूल पकड़ लिया है। इस बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं में आक्रोश है।इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि कानून मंत्री किरण रिजिजू का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की पश्चिमी बेंच स्थापित किए जाने का बयान गैर जिम्मेदाराना और असंवैधानिक है। उनका कहना है कि जिस जसवंत सिंह कमीशन के आधार पर केंद्रीय मंत्री ने बयान दिया है, वह रिपोर्ट उत्तराखंड के गठन के बाद अब बेकार साबित हो चुकी है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को जो काम करना चाहिए वह ना करके बयान बाजी कर रही है। यह कतई ठीक नहीं है।
*हाईकोर्ट और जिला अदालतों में 30% जजों के पद खाली हैं*
सरकार को पहले उसे भरना चाहिए।अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश भारत की अखंडता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री पद का रास्ता भी उत्तर प्रदेश से ही होकर गुजरता है। कोई भी विघटनकारी कदम देश की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है। इसलिए केंद्र सरकार को कोई भी बयान देने या कदम उठाने से पहले सौ बार सोचना चाहिए।उनका कहना है कि संविधान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ का गठन आवश्यक हो गया है। केंद्र सरकार को अगर गठन ही करना है तो सुप्रीम कोर्ट की खंड पीठ का गठन करें।केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल पर कहा था कि आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ के गठन पर हम चर्चा करेंगे। इस पर भी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इस पर मिलकर चर्चा होगी। इस मामले की गहनाता से पड़ताल की जाएगी, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।




