सनातन धर्म के अच्छे दिन आ गए हैं- शंकराचार्य वासुदेवानंद जी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।श्रीमज्योंतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी ने आज आराधना महोत्सव में कहा कि एक लंबे संघर्ष के बाद सनातन धर्म के अच्छे दिन आ गए हैं। संत — महात्माओं एवं भक्तों के कठिन श्रम व सहयोग से श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण काशी में विश्वनाथ धाम का लोकार्पण, मंदिर के जीर्णोद्धार तीर्थ स्थलों को पुनर्जीवित करने का प्रयास इस बात के स्पष्ट संकेत है कि सदियों की धार्मिक यातना, उत्पीड़न व गुलामों के बाद अब देश में पूर्ण स्वन्वय के साथ सांस्कृतिक आध्यात्मिक चेतना जागृत हुई। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश और सनातन धर्म एक ऐसी धार्मिक व्यवस्था है जिसमें प्रत्येक पंथ व विचारधारा के लोगों को अपनी अपनी आस्था के अनुसार धर्म स्थान बनाने व पूजा करने का अधिकार प्राप्त है।
कथावाचक श्री श्रवणनंद व्यास ने कहा कि साधु सेवा का लाभ गुरुओं का सम्मान व पूजा करने से प्राप्त पुण्य का फल परलोक में भी साथ जाता है। धन संपदा इसी दुनिया में रह जाता है। आत्मा आकाश से भी अधिक सूक्ष्म है। पानी बरसता है किंतु आसमान गिला नहीं होता हैं। उसी प्रकार शरीर में आत्मा रहती है किंतु आत्मा पर कोई बुरा असर नहीं होता है। श्रीमद् भागवत महापुराण में भारत राष्ट्र की श्रेष्ठता भी बताया है। शास्त्र विरुद्ध आचरण करने वाले को नरक में स्थान मिलता है। जयपुर से पधारे श्री प्यारे मोहन जी ने श्री रामचरित मानस का नवाह्न संगीत मय परायग किया। श्रीमद् ज्योतिषपीठ प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने बताया कि 13 दिसंबर सोमवार को भगवान राधा माधव का वार्षिक पाटोत्सव एवं जयंती महोत्सव एवं श्री ज्योतिषपीठोंउधारक जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज की जयंती एवं 14 दिसंबर को गीता जयंती एवं श्रीमज्योंतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु देवानंद जी की जयंती का भव्य आयोजन है। श्रीमद् भागवत कथा 17 दिसंबर तक सांय 2:00 बजे से 6:30 बजे तक चलेगी।



