Latest

Year Ender: छाया रहा रोस्टर घोटाला: रेल मंत्री के सामने उठ सकता है रोस्टर घोटाले का मुद्दा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज रेल मंत्री प्रयागराज पहुंच रहे हैं। पहली बार शहर पहुंच रहे रेल मंत्री के सामने प्रयागराज मंडल में हुए रोस्टर घोटाले का मुद्दा भी बाहर निकल सकता है।

प्रयागराज के अनुराग दर्शन समाचार में लगातार रोस्टर घोटाले को उजागर करते हुए अधिकारी से मंत्री तक घोटाले का कारनामा बताया गया।वही रोस्टर घोटाले ने उत्तर मध्य रेलवे के बाणिज्य अफसरों की कलई खोल कर रख दी है।

अब तक इस मामले उत्तर मध्य रेलवे के एक भी कर्मचारी या अफसर के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। सूत्रों का दावा है कि पूरे मामले पर मुख्यालय से लेकर डिवीजन तक के वाणिज्य विभाग के अफसर जांच के नाम पर लीपापोती कर रहे हैं।
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव सुबह वाराणसी से प्रयागराज पहुंचें।

इस दौरान रेलवे अफसरों की तरफ से प्रयागराज शहर में स्थित विभिन्न स्टेशनों पर रेल मंत्री से कई नई, पुरानी परियोजनाओं, योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन की तैयारी है।

उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में रेल मंत्री समीक्षा बैठक भी करेंगे। इसी बीच में रेल मंत्री इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी एक समारोह का हिस्सा बनेंगे।
गौरतलब है कि करोना महामारी के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ अफसरों और प्रयागराज डिवीजन के अफसरों के संरक्षण में रोस्टर घोटाले, ट्रेनों में एक ही कर्मचारी की लगातार ड्यूटी, टिकट चेकिंग स्टाॅफ से वसूली, ऑनलाइन खातों में स्थानांतरण जैसे भ्रष्टाचार किए गए।

हैरत यह कि शिकायत की जांच कराने के बजाए अफसरों ने शिकायतकर्ता को ही प्रभावित करने और डराने का प्रयास किया। सूत्र बताते हैं कि दो लोगों, शिवम तिवारी और संतोष कुमार उपाध्याय ने एक जैसी शिकायत की थी। परंतु, अफसरों के दबाव में शिवम तिवारी टूट गए और शिकायत वापस ले ली। वही संतोष कुमार उपाध्याय शिकायत पर डटे रहे। प्रारंभिक जांच में 99 फ़ीसदी शिकायतें सही पाई गई। शिकायतकर्ता संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि करोना महामारी के दौरान बिना ड्यूटी के वेतन लेने, ड्यूटी रोस्टर में गड़बड़ी करने जैसे अधिकांश मामले ऐसे हैं जो रेलवे को संगठित तरीके से लूटने जैसे हैं। जिन अफसरों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का मुद्दा रेलवे को खोखला कर रहा था, उन्हीं अफसरों की देखरेख में पूरे घोटाले की जांच कराना अफसरों की कार्यप्रणाली को संदेश के कटघरे में खड़ा करता है।

Related Articles

Back to top button