बर्खास्त कर्मचारी, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ थाने में आईटी एक्ट और धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल से बर्खास्त कर्मचारी, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में आईटी एक्ट और धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रयागराज रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी ने बर्खास्त कार्यालय अधीक्षक पर गैंग बनाकर उनका उत्पीड़न करने, आईटी एक्ट के दुरुपयोग, जानलेवा धमकी देने और बदनाम करने का आरोप लगाये है। इस मामले में आरोपी बनाए गए कथित पत्रकार के खिलाफ रेलवे के ही एक अफसर ने मानहानि का मामला पहले से ही दर्ज करा रखा है।
प्रयागराज रेल मंडल में पदस्थ वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा 2012 के भारतीय रेल कार्मिक सेवा के अधिकारी हैं। उन्होंने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि मंडल में कार्यालय अधीक्षक रहे कृपाशंकर शुक्ल, टीपी सिंह, आरके पांडे और एएन झा समेत कुछ अन्य अज्ञात के साथ गैंग बनाकर उनके खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार कर रहे हैं। आरोपी उनकी और उनकी पत्नी की फोटोग्राफ सोशल मीडिया से हासिल कर झूठी खबरें बनाकर उनके परिजनों, परिचितों के मोबाइल नंबर पर वायरल कर रहे हैं। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354घ, 379, 465, 500, 503, 504, 506 और 509 के साथ आईटी एक्ट 2008 के 66, 66डी और 66ई के तहत सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया है।
*अक्टूबर में बर्खास्त हुआ था कृपाशंकर*
सीनियर डीपीओ राजेश कुमार शर्मा के अनुसार कार्यालय अधीक्षक रहे कृपा शंकर शुक्ल पर फर्जी शिकायतें करने, अनुशासनहीनता जैसे मामलों के खिलाफ मिले प्रमाणों के आधार पर 14/2 के तहत नोटिस दिया गया था। कोई जवाब न मिलने पर 08 अक्टूबर 2021 को बर्खास्त कर दिया गया। नियमानुसार आरोपी कर्मचारी इस फैसले के खिलाफ एडीआरएम के पास अपील कर सकते थे। परंतु, आरोपी ने व्यक्तिगत स्तर पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से उन्हें परेशान करने लगा। बताते हैं कि कृपाशंकर शुक्ल आरपीएफ से डीकैटेगराज्ड होकर कार्मिक विभाग में पदस्थ हुआ था। कार्मिक विभाग के कर्मचारियों का दावा है कि वह फर्जी नामों से कर्मचारियों और अफसरों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर शिकायतें कर परेशान करता रहा है ।पूर्व के दो अन्य सीनियर डीपीओ से भी फर्जी शिकायतों को लेकर ही विवाद हो चुका था। एक अन्य आरोपी टीपी सिंह भी रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर शिवम शर्मा का कहना है कि कृपाशंकर शुक्ल के खिलाफ विभिन्न मामले सामने आए थे, जिसके आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी उन्हें नहीं है




