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बाजार एरिया में संदिग्ध परिस्थितियों में राजगीर ने बबूल के पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर की आत्महत्या

पत्नी के ऊपर करता था शक इसी बात को लेकर दो दिन पहले पत्नी की जमकर की थी पिटाई

आखिर वास्तविकता क्या है, हत्या या आत्महत्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम होगा

प्रयागराज ( अनुरागदर्शन समाचार )। कैंट थानान्तर्गत सदर बाजार क्षेत्र में मंगलवार की मध्यरात्रि को कूडाखाना के पास बनी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले पेशे से राजगीर (मिस्त्री) वकीलदास ने अपनी झोपड़ी चंद कदम की दूरी पर लगे बबूल के पेड़ में रस्सी का फंदा अपने गले में डालकर फांसी लगा ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलरूप से छत्तीसगढ़ निवासी वकीलदास वर्तमान में 25/30 वर्षों से अपनी मां, पत्नी व पांच बच्चों समेत प्रयागराज में रह रहा था। परिवार के भरण-पोषण के लिए राजगीर मिस्त्री का काम करता था करीब 7,8 साल से कैंट एरिया स्थित सदर बाजार में कूड़ेखाना के पास बनी झुग्गी में वह परिवार के साथ रहने लगा था, इसके पूर्व नगर निगम में एरिया में रहता था। मौके पर पहुंचे अनुराग दर्शन संवाददाता को एक ओर जहां मृतक की पत्नी अनीता देवी ने बताया कि उसके पति ने शराब के नशे में फांसी लगाकर आत्महत्या की है पिछले दो तीन दिनों से खटपट चल रही थी सोमवार की रात जमकर दोनों आपस में भिड़े थे। आपस में हुए मारपीट के दौरान वकीलदास ने अपनी पत्नी अनीता को इतना मारा पीटा की उसकी दायीं आंख लाल पड़ गयी थी और उसके नीचे सूजन व लाल पड़ गया था। यह सवाल किये जाने पर कि आखिर उसके पति वकील ने आत्महत्या क्यों की के जवाब में अनीता ने बताया कि वह उसके चाल चलन पर शक करता था। मंगलवार की रात करीब बारह बजे के आस-पास उसे लघुशंका लगी वह झुग्गी के सामने टाट बोरे से टम्प्रेडी बाथरूम में न जाकर खुले में बैठ गई,जिसे लेकर उसके मृतक ने गाली गलौज और मारना यह कहकर शुरू कर दिया था। मैं किसी अजनबी के साथ थी, उसके बाद घर में घुसा दीवार पर टंगा कैलेंडर उतारा कागज कलम लिया कागज पर लिखने के बाद उसे जेब में डाला और झुग्गी से बाहर निकल गया, मैंने बेटियों संग खोज की लेकिन नहीं मिला बाथरूम के देखा तो पाया कि पेड़ पर रस्सी का फंडा गले में लटकाकर जमीन से सटी शाखा पर उसका शव बैठी अवस्था में था।
दूसरी ओर मृतक की वृध मां तेजा देवी के अनुसार उनका बेटा आत्महत्या जैसा महापाप कर ही नहीं सकता,अगर उसके बेटे वकील ने बहू को लघुशंका के बहाने किसी पराये मर्द के साथ देखा था तो सही देखा था।
बहू से झगड़कर जब गुस्से झोंपड़ी से बाहर निकल गया था तो मैंने आधी रात उसे सदर बाजार मोहल्ले व आस-पास ढूंढ़ने निकली वह नहीं मिला थकी हारी आधी को घर आयी तब तक बाथरूम व पेड़ के पास मेरे बेटे की लाश नहीं थी, बाद में अचानक से वह फांसी लगाकर मर गया और किसी को उसकी पत्नी अनीता के अलावा खबर नहीं हुई। जबकि उसके परिवार में बेटियां रानो,निकेता,रवि घर पर ही थे। बड़ा बेटा सूरज टेंट हाउस में ट्राली चलाने व शामियाना लगाने का काम करता है जो उस समय घर नहीं बल्कि साइड पर था। सबसे पहले मृतक की पत्नी अनीता ने ही लाश देखी थी और किसी ने नहीं।पति की लाश देख जोर जोर से रोना पीटना चालू कर दिया उसका रोने चीखने की‌ आवाज सुन बस्ती वाले जाग गये और 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना दी।
मौके थाना कैंट पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु एसआरएन भेज दिया। मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मंगलवार की शाम उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि वकीलदास ने क्या वास्तव में पत्नी को किसी के साथ देखा अथवा उसका था। उसने आत्महत्या की है या उसकी हत्या कहीं और करके उसकी लाश को उसी की झुग्गी के सामने लटका दिया गया है। यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम चलेगा।

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