युवाओं को निराश होने से बचना चाहिए : जिला कमाण्डेंट

‘युवाओं में बढ़ती निराशा का कारण और समाधान’ पर सेमिनार
असफलता कामयाबी के रास्ते का एक हिस्सा : निदेशक
(अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) युवाओं को निराश होने से बचना चाहिए। निराशा की स्थिति में युवा अपने अन्दर की ऊर्जा, उत्साह और ताकत को भूल जाते हैं और अक्सर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। जो कि न तो युवाओं के हित में है और न ही देश और समाज के हित में है। उक्त विचार सोमवार को प्रयागराज के जिला कमाण्डेंट होमगार्ड अमित कुमार पाण्डेय ने गांधी अकादमिक संस्थान एवं लोक सेवक मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में राजर्षि टण्डन सेवा केन्द्र में आयोजित ‘युवाओं में बढ़ती निराशा का कारण और समाधान’ सेमिनार पर व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निराशा से बचने के लिए युवाओं को अपने मित्रों, परिचितों और वरिष्ठजनों से खुलकर अपनी समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए। इसके साथ ही सदैव अच्छी और प्रेरक पुस्तकें पढ़नी चाहिए। गांधी अकादमिक संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि जीवन में मिलने वाली असफलता से युवाओं को हताश नहीं होना चाहिए। असफलता कामयाबी के रास्ते का एक हिस्सा है। असफलता से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने प्रयागराज के युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से आवाह्न किया कि अपने आसपास के गुमसुम, निराश और अकेलेपन के शिकार साथियों से बात करें। उनके दुःख दर्द को जानने, समझने और सुलझाने का प्रयास करें। रॉयल्स ग्रुप के चेयरमैन एवं जनपद के व्यवसायी नीरज जायसवाल ने युवाओं से व्यापार जगत में भी कैरियर तलाशने का आवाह्न किया। सीएमपी डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अनंत सिंह ने कहा कि युवाओं को हमेशा ऊर्जावान बने रहना चाहिए।
श्याम प्रसाद मुखर्जी पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ रजनीकांत राय ने कहा जीवन में नौकरी ही सब कुछ नहीं है। युवाओं को नौकरी न मिलने से निराश होने के बजाय अन्य क्षेत्रों में कैरियर तलाशना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अंशु चौबे, अनुज मिश्रा, अजय यादव, सत्यप्रकाश शुक्ल के अलावा पूजा सिंह, सोनम यादव, सविता यादव, श्रेया यादव, अंजलि सिंह, अमित सिंह, राधिका यादव, मनीषा गुप्ता, सोनिया गुप्ता आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।



