जीएसटी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, अप्रत्यक्ष कर में बहुत बड़ा सुधार हुआ : न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आयकर दाताओं और टैक्स सलाहकारों के लिए है लाभदायक
कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी से अप्रत्यक्ष कर में बहुत बड़ा सुधार हुआ है। अभी तक बहुत सारे अलग-अलग टैक्स होते थे, जिन्हें एक कर दिया गया है। इसकी वजह से पंजीकृत कारोबारी को कहीं अलग-अलग विभागों में नहीं जाना पड़ता और एक ही विभाग से सभी कार्य हो जाते हैं। वह शनिवार को मर्चेंट चेंबर में आयोजित कानपुर टैक्स सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश, आल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रैक्टिशनर नार्थ जोन, कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन और कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसायटी द्वारा आयोजित इस सेमिनार के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आयकर की धारा 148 पर जो निर्णय दिया है, वह आयकर दाताओं और टैक्स सलाहकारों के लिए लाभदायक है। उनके मुताबिक इस तरह के सेमिनार में विभागीय अधिकारियों को भी आना चाहिए, जिससे उन्हें समझ में आए कि कारोबारियों को क्या समस्याएं आ रही हैं और वे इसमें कैसे सुधार कर सकते हैं। उनके मुताबिक जीएसटी के आने के बाद से सब कुछ तकनीक आधारित हो गया है। इससे समय की बचत हो रही है, पंजीयन और रिटर्न तक ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। जीएसटी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और कारोबारियों और टैक्स कलाकारों दोनों को ही इसमें काफी लाभ हैं। इससे पहले आल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रैक्टिशनर के अध्यक्ष डीके गांधी ने कहा कि हमें समस्या नहीं समाधान पर बात करनी चाहिए। इसके साथ ही हमें अपनी मर्यादा का भी ख्याल रखना चाहिए। अपने पेशे में रोजमर्रा की जो समस्याएं हैं, उन्हें कैसे हैंडल करना है यह भी हम सबको आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी में एक बात होती है कि कोई नया बदलाव आता है तो हम उसका विरोध करने लग जाते हैं लेकिन बदलाव तो आएंगे ही। सरकार का काम ही है बड़े कानून बनाना और हम उसमें कैसे काम कर सकते हैं, यह हमें देखना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मर्चेंट चैंबर के जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष गुप्ता ने की। संचालन विक्रम चावला ने किया। इस मौके पर कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसायटी के अध्यक्ष शरद शेखर श्रीवास्तव, कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश श्रीवास्तव,आल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर नार्थ जोन के चेयरमैन एच एल मदान, सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के पूर्व सभापति दीप कुमार मिश्रा,कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव विमल बाजपेई, कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसायटी के सचिव विनय जैन भी रहे।


