245 वें क्रार्पस डे पर गरीब बस्तियों में जाकर बांटे मास्क, सेनेटाइजर सहित कई सामग्री
प्रयागराज। आयुध् भंडार किला में किले मे जो खुद आयुध् कोर से तालुक रखती है उसी परिक्षेप मे आज किले के सौजन्य से संगम नोज और दारागंज, अलोपी बाग मे सेना के द्वारा पूरे भारत मे लाक डाउन के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से निर्धन और रोजर्मरा या बेसहारा लोगो के लिए आज के मौजूदा वातावरण में आज सेना ने लोगो को मास्क, सेनीटाईजर, हाथ धोने के लिए साबुन और खाने के लिए दाल चावल, किराना आईटम, पैकेटे मे सेना की गाडी के साथ सोशल डिस्टेंस के साथ गरीब अनाथ और मलीन बस्ती मे स्थापना वर्ष पर सामग्री बांट कर मनाया गया ।

गौरतलब है कि वैसे आज के दिन किला के सैनिक व असैनिक कर्मचारियो मे हर्ष और उलास के साथ प्रति वर्ष रंगारंग कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिता तथा सेना परिवार के कई क्रार्यक्रम होते थे। किंतु इस साल सोशल डिस्टेशंन और लाक डाउन के चलते प्रयागराज में गरीबों को सामग्री बांट कर इस कार्यक्रम को मनाया गया।

किला ओ0 डी0 फोर्ट के महामंत्री योगेश चंद यादव ने बताया कि 08 /अपैल 1875 आयुध कोर को पहला ड्रेस कोट या डिजाईन तैयार हुआ, और 18 जुलाई 1922 के ऐतिहासिक दिन को भारतीय सेना आयुध कोर नाम आई0 ओ0 सी0 नाम दिया गया।

1 मई 1943 मे आई0 एम0 ई0 आई0 ओ0 सी0 से अलग हो गया और 26 जनवरी 1950 को जब हमारा देश अपने को गणंतंत्र देश घोषित के साथ भारतीय सेना आयुध कोर को आई0 ए0 ओ0 सी0 से बदल कर ए0ओ0 सी0 कोर कर दिया और 1970 मे देश के उप राष्ट्रपति ने आयुध कोर को रेजिंमेटल क्लर्र ऐ0ओ0 सी0 सेंटल सिकंदराबाद मे प्रदान किया और 1978 को यह कोर का उदेश्य शस्त्र से शक्ति से भारतीय सेना मे अपने अद्दम्य साहस और कार्य दक्षता के साथ अग्रणी खडी़ रहती है।




