राहत पैकेज के नाम पर इस अवधि में निजीकरण कर रही सरकार-योगेश चंद यादव
प्रयागराज। हिंद मजदूर सभा के जिला पदाधिकारी योगेश चंद्र यादव ने कहा कि। सरकार द्वारा कोरोना काल के समय में राहत पैकेज के नाम पर इस अवधि में निजीकरणकर करने का जो काम किया है रक्षा कामगारों में काम करने वाले कामगार जो ऑडनेंस फैक्ट्री बोर्ड मे कार्यरत है उनके परिवार के भविष्य पर काले बादल मडराने लगे है।
और निगमी करण करके रक्षा कामगारों के भविष्य पर कुठाराघात किया गया है अगस्त माह में जब सबसे पहले सरकार द्वारा विचार किया जा रहा था उसी समय हमारी सभी संगठनों के द्वारा मिलकर एक माह के लिए हड़ताल की गई थी ।
हमारे संगठन के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एन पाठक जी के नेतृत्व में आंदोलन में कामगारों के लिए एक निर्णायक लड़ाई लड़ी और नई दिल्ली में 90 दिनो की हंगरी स्ट्राइक नई दिल्ली में जंतर मंतर पर देश के कोने कोने से रक्षा कामगारों ने आकर वहां सरकार को चेताया आगाह कर के लिए दबाव डाला जिसमें सरकार दबाव में आकर हाई लेवल कमिटी का गठन किया।
इस कमेटी में सभी फेडरेशन के बड़े-बड़े नेताओं को रखा गया कहां गया कि जब कमेटी कुछ निर्णय लेगी तभी आगे की कार्रवाई की जाएगी फिर हम सभी ने देश में 5 दिन की हड़ताल को स्थगित कर देश के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के साथ सहयोग दिया और अपने काम पर लौट आए परंतु आज करोना की वैश्विक बीमारी की आड़ में देश की दूसरी रक्षा मंत्री और वर्तमान समय में वित्त मंत्री श्रीमती सीता रमन जी ने अचानक घोषणा कर एफ डी आई को 74 प्रतिशत करने का घोषणा की जिससे 82000 हजार कामगार के भविष्य पर तलवार लटकने लगी।
जिसमें रक्षा क्षेत्र की सभी प्रदेशों में तीनो फैडरेशन मे ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन आई एन डी डब्ल्यू एफ और बी पी एम एस ने सयुक्रत कमेटी गठित कर भारत सरकार को चेताया और कहा की भारत को अगर आत्म निर्भर बनाना है तो स्वदेशी कंपनियों जो भारत सरकार ने जो उपकरण बनाया हैं मेक इन इंडिया की तर्ज पर उचित संसाधन देकर और कामगारों की भर्ती कर देश को रक्षा उत्पादन को बढाकर देश को मजबूत बनाया जा सकता है ना की कॉर्पोरेट घराने के लोगों और वैश्विक पूजी पतियों के के दबाव में आकर रक्षा क्षेत्र के उद्योगों देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा ।
पहले चरण में दिनांक 295 2020 को कानपुर जबलपुर देहरादून शाहजहांपुर अमेठी कोलकाता उड़ीसा बिहार तमिलनाडु और भारत के विभिन्न राज्यों में देसी कामगारों ने आज ब्लैक बैच लगाकर लंच का बाय काट कर के अपने आंदोलन की शुरुआत की ।और सरकार को चेताया की अगर देश के संस्थानों के साथ खिलवाड़ किया किया गया तो हम सड़क पर आएंगे और भारत सरकार की संस्थाओं को बचाने के लिए हर कुर्बानी देंगे और हमने जब देश में 1962 और कारगिल के समय समय के साथ विश्व के कोरो ना संक्रमण ने हम लोगों ने जब सभी निजी कंपनियां जब हाथ खड़े कर दिए थे तब ऑडनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने लाग डाउन के समय सभी निर्माणी बोर्ड ने पूरे देश में सैनिटाइजर माक्स पीपी किट बनाकर दिए जिसका उदाहरण है ।
और देश में भी देखा गया जब जब जब देश में संकट होता है तो सिर्फ सरकारी संस्थाएं और सरकारी कर्मचारी ही साथ देता है आज हमारी निर्माणी में धनुष जैसा प्रोजेक्ट चल रहा है इस किसका निजीकरण होगा हमारे देश की सुरक्षा बहुत बड़ी हानि होगी और कारगिल का युद्ध हुआ था तब देश की संसद में तत्कालीन राष्ट्रपति के0 आर 0 नारायण ने आयुध निर्माणी बोर्ड के कर्मचारियों की गौरव गाथा की भूरी भूरी प्रशंसा की और आयुध निर्माणी ने लाखों लिटर सैनिटाइजर हजारों मार्क्स बॉडी कवर ऑल ओवर ऑल फेस शिल्ड आइसोलेशन टेंट टे प्रहरी वार्ड पलंग इत्यादि सुविधाएं युद्ध स्तर पर बना कर दिखा दी और परितोषिक के रूप में निगम का तोहफा मिला है ।रक्षा क्षेत्र का हर कर्मचारी सरकार के इस फैसले से
आक्रोशित है बल्कि आंदोलन होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए भी तैयार है और हिंद मजदूर सभा फैडरेशन भी तैयार है






