नई दिल्ली। देवकीनंदन ठाकुर महाराज के सानिध्य में तालकटोरा स्टेडियम, दिल्ली में सांस्कृतिक महोत्सव 2018 का आयोजन किया जा रहा है।

हमारे देश की युवा पीढ़ी को संस्कृति का बोध कराने और एक नए भारत का निर्माण करने हेतु इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में श्रीमती मीनाक्षी लेखी, सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद श्री साक्षी महाराज ने कार्यक्रम में अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज करवाई।

देवकीनंदन ठाकुर महाराज द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में हर दिन एक अलग थीम है। दूसरे दिन की थीम हमारे देश के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों को समर्पित रही जिसमें हमारे वीर जवानों और शहीदों के परिवार वालों को मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद द्वारा स्मृति चिन्ह एवं सहयोग राशि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में देश भक्ति के कई नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुती दी गई। देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कार्यक्रम में सभी जनता को संबोधित किया एवं देशभक्ति के गीतों से देशप्रेम की भावन को व्यक्त किया।

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 वो ऐतिहासिक लम्हा जब हम आज़ाद हुए और उस आज़ादी को पाने के लिए हमारे देश के वीरों ने अपना लहू बहाया। महात्मा गाँधी, भगत सिंह, सुखदेव, चंद्र शेखर आज़ाद जैसे शूरवीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
उनके अद्मय साहस, पराक्रम, का ही परिणाम है कि ही भारत आज एक आजाद देश के साथ साथ विश्व शक्ति बनने की राह में खड़ा है। भारत के शहीदों ने जहां हमे आजादी दिलाई, वहीं देश की वीर जवानों ने सरहदों पर अपने प्राणों का बलिदान देते हुए इस देश की रक्षा की है।
भारत आज एक विकसित देश के रूप में खड़ा है, भारत की सैन्य शक्ति किसी भी देश का सामना करने में सक्षम है। इतिहास गवाह है की जिसने भी भारत से टकराने की कोशिश की है उसे मुंह की खानी पड़ी है। भारत जमीन से लेकर आसमान तक अपना वर्चस्व रखता है। भारत की जमीं जहां सोना उगलती है वहीं आसमानी निगाहें देश की रक्षा करती है।
सरहदों पर हमारे वीर जवान देश की हिफाजत के लिए दिन रात ना देखते हुए अपनी छाती को ढ़ाल बनाते हुए हमारी रक्षा करते हैं। आज देश के कोने कोने में “भारत ” माता की जय के नारे गुंज़ेते है। हम सबको हिंदुस्तानी होने पर गर्व होता है और क्यों न हो? आज शायद ही दुनिया का ऐसा कोई कोना है जहां भारतीयों ने अपनी कला काबिलियत से दुनिया को नतमस्तक न किया हो। आज हम सब अपने अपने घरो में देश दुनिया की बाते करते है, त्यौहार मानते है, हम सब अपनी अपनी ज़िंदगियों में परिवार के साथ अपना भविष्य तय करते है, रात को चैन की नींद सोते है, क्योकि हम सब यह बात अच्छी तरह से जानते है की कोई है जो हमारे लिए परिवार से दूर, हर सुख सुविधा से दूर अपनी धरती माँ की रक्षा ले लिए जाग रहा है हमारे देश के वीर जवान जिन पर हम सब को गर्व है। हमारी गीता में “निष्काम कर्म” पर ज़ोर दिया गया है यहां कहा भी जाता है की चाहे जिस्म में खून की बूँद न रहे सासों से नाता टूट जाये, पर योद्धा का धर्म है लड़ना। इस युक्ति को यदि कोई आज भी सिद्ध कर रहा है तो वो है हमारे देश के जवान, बॉर्डर पर वो अपना काम पूरी निष्ठा और ईमानदारी कर रहे है।




