सिविल लाइंस बस स्टैंड न जाकर बस जाती है संगम घाट

गोंडा बहराइच से आए तीर्थयात्रियों के साथ किया जाता है भेदभाव।
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। जहां यात्रियों के लिए सरकार द्वारा रोडवेज बस चलाई जा रही है । वहीं एक वाक्य आज देखने को मिला निरंतर लॉकडाउन से गोंडा बहराइच से आने वाली बस सिविल लाइन बस अड्डा पर ना जाकर सीधे संगम पर यात्रियों के उतारता है ।और वहीं से सवारी भरकर वापस गोंडा बहराइच जाती है ।जिसका आज एक पुरोहितों ने अपने यात्रियों को बैठाने के लिए कहा जिस पर कंडक्टर भड़क गया और उन्हें अपने बस से उतार दिया जबकि यात्रियों ने कहा यह सरकारी बस है । इनको ले जाइए। इस पर कंडक्टर धाक जमाते हुए यात्रियों को वहां से भगा दिया। जिसका विरोध यात्रियों ने किया पर कोई सुनने वाला नहीं था।विचित्र घटना तीर्थराज प्रयाग के संगम क्षेत्र में मिली । इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को बहुत परेशानी हो रही है। गोंडा बहराइच से आने वाले यात्रियों को बहुत दिक्कत हो रही है। परिवहन विभाग से जुड़े ड्राइवर तथा कंडक्टर दोनों लोगों की मिलीभगत से यह काम फल फूल रहा है । पहला नियम का उल्लंघन अपने अड्डे पर ना उतारकर संगम पर ले आकर बीच सड़क पर खड़ा कर देते हैं। और एक पंडा जी के सामने खड़ा कर देते हैं । जबकि गोंडा बहराइच के 40 50 पंडा हैं। सभी का हक मारकर एक जगह पुजवा कर ड्राइवर तथा कांटेक्टर पैसा पाते हैं । तथा जो यात्री छुट्टा आते हैं उनको अपने बस में गोंडा बहराइच के लिए नहीं ले जाते ।प्रदेश सरकार की यह मंशा है सबका साथ सबका विकास यात्रियों के साथ भेदभाव करना उचित नहीं है। जो गलत है। सूत्रों से ज्ञात हुआ बस का ड्राइवर और कंडक्टर एक पण्डा के माध्यम से यात्रियों को गोंडा बहराइच से ले आता है और उन्हीं यात्रियों को वापस गोंडा बहराइच छोड़ता है। यदि बाहरी कोई यात्री जाना चाहे तो उसे बस से नीचे उतार दिया जाता है। परिवहन विभाग से इन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और यात्रियों के साथ भेदभाव न हो । यात्रियों को यहां से उनके घर नहीं ले जा रहे हैं पैसा देने के बाद भी जो गलत है जिस से आने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है और व्यक्ति विशेष को फायदा कराने में अपना योगदान दे रहे हैं।




