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अखाड़ा परिषद रचनात्मक कार्यो पर दें ध्यान – आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

सनातन धर्म की मजबूती, धर्म परिवर्तन को रोकने सहित अन्य सार्थक कार्य करें अखाड़ा अध्यक्ष

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि के बयान के बाद से किन्‍नर अखाड़ा के संन्‍यासियों में आक्रोश व्‍याप्‍त हो गया है।

 

किन्नर उप देवता है मान्यता की जरूरत नही है

 

किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महाराज ने भी जवाबी बयान शनिवार को दिल्ली से दिया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि एक विवादित व्यक्ति है और वह सदैव विवादों में रहते है। कभी अपने बयान से तो कभी अपने काम से। आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महाराज ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगने की सलाह दी है। कहा कि किन्नर उप देवता की श्रेणी में आते है उनको किसी के मान्यता की जरूरत नही है। न्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा का आपसी समझौता है। हम लोग एक साथ है। कहा कि प्रयागराज में वर्ष 2019 में कुंभ मेला में किन्‍नर अखाड़ा ने शाही स्‍नान किया था क्‍योंकि कुंभ मेले में शाही स्‍नान की अनुमति सभी को नहीं मिलती है। कुंभ के पूर्व मान्‍यता देने पर विवाद भी उठा था लेकिन बाद में सब कुछ सामान्‍य हो गया और शाही स्‍नान की अनुमति किन्‍नरों को मिल गई। प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में किन्‍नर अखाड़ा की मान्‍यता को लेकर प्रश्‍न उठाए गए थे। इस बैठक में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष नरेंद्र गिरि के बयान से विवाद उत्‍पन्‍न हो गया है। इस विववाद ने किन्‍नर अखाड़ा को अखाड़ा परिषद से मतों में फर्क उत्‍पन्‍न कर दिया है। किन्‍नर अखाड़ा के अध्‍यक्ष आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष के बयान के बाद से किन्‍नर अखाड़ा के संन्‍यासियों में आक्रोश भी व्‍याप्‍त हो गया है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने भी जवाबी बयान दिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को रचनात्मक कार्यों में लगने की सलाह दी है। शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ में हमें मान्यता दी गई थी। इसके बावजूद कुछ पदाधिकारी जब-तब अनर्गल बोलते रहे हैैं। स्‍वामी लक्ष्‍मी नारायण त्रिपाठी ने कहा-किन्नर अखाड़ा किसी का मोहताज नहीं है। किन्‍नर अखाड़ा के अध्‍यक्ष आचार्य महामंडलेश्‍वर स्‍वामी लक्ष्‍मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़ा किसी का मोहताज नहीं है। हरिद्वार कुंभ में उत्तराखंड सरकार समुचित सुविधाएं किन्नर अखाड़ा को देगी और वहां शिविर जरूर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सनातन धर्म को मजबूत करने और धर्म परिवर्तन को रोकने एवं गरीबों की मदद के लिये आगे आये और विवादों से बचे। एक संत – महात्मा को विवादों से बचना चाहिए। वही दूसरी ओर अखाड़ा परिषद के महामंत्री जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरिगिरि जी महराज जी भी है जो बहुत अच्छे संत है। वह सनातन धर्म को मजबूत कर रहे है। वह किसी भी विवाद में नही पडते है।

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