मनुष्य को अपने सभी कर्म धर्माधारित ही करना चाहिए- शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद

( अनुराग शुक्ला )क टनी (अनुराग दर्शन समाचार )। बरही में आयोजित श्री दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पधारे श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज का आयोजकों एवम् श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण तथा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया | स्वागतोपरान्त मुख्य यजमान सन्दीप अग्रवाल एवम् उनकी धर्मपत्नी श्रीमती आरती अग्रवाल ने वैदिक विधि विधान के अनुसार पूजन किया | इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए पूज्य शंकराचार्य भगवान ने कहा कि चौरासी लाख योनियों में मात्र मानव योनि ही कर्मयोनी है,बाकी सभी भोगयोनि हैं | जितने कर्म मनुष्य करता है, वह सभी कर्म अन्य योनियों के जीव भी करते हैं, केवल एक आचरण “धर्म” है, जो मात्र मानव देहधारी ही कर सकता है | इसलिए मनुष्य को अपने सभी कर्म धर्माधारित ही करना चाहिए | इस अवसर पर मुख्य यजमान सन्दीप अग्रवाल के साथ-साथ कामता तिवारी, रामकृष्ण तिवारी (भोला), गुड्डा अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, मधु अग्रवाल, आशीष तिवारी, अरविन्द तिवारी, शिव गोपाल तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे |


