तीसरे सोमवार शिवालय में शिव भक्तों की रही भीड़

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। तीसरे सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या के रूप में संगम किनारे लोगों की भीड़ लग गई। सभी ने धर्म भाव से संगम स्नान किया उसके पश्चात अन्नदान दौरान किया विवाहित स्त्रियों ने अपने पति की दीर्घायु की कामना कर यह व्रत रखती हैं। यह वर्ष में एक बार पड़ती है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन निर्जल व्रत रखने से सौ गायों के दान का फल मिलता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पीपल को दूध, अक्षत, फल-फूल, जल, चंदन चढ़ाकर पूजन अर्चन करती हैं। पीपल में 108 बार कच्चा सूत (धागा) लपेट कर परिक्रमा करने का विधान है। धान-पान खड़ी हल्दी को मिलाकर तुलसी के पेड़ में चढ़ाया जाता है। गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित किया जाता है। इस दिन गंगा स्नान कर रोग-दुखों से मुक्ति मिलती है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन सूर्य और तुलसी पूजा का भी महत्व है। सूर्य को अर्ध्य देने से गरीबी और दरिद्रता दूर होती है। सोमवती अमावस्या पर सुहागिनें अपने पति की आयु वृद्धि के लिए पीपल की पूजा करती हैं। इस दिन पूजन से सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही लोगों ने भगवान शिव के दर्शन किए जलाभिषेक करने के पश्चात भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा शहर के शिवालयों में भगवान मनकामेश्वर भगवान ललितेश्वर भगवान दशा सुमेर भगवान भोले गिरी सिविल लाइन हनुमान मंदिर महादेव शिवालयों में भक्तों का हुजूम आता रहा। कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन पुलिस प्रशासन द्वारा कराया जाता रहा


