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सौभाग्य योजना का दुर्भाग्य,जिम्मेदारों ने बेच लिया ट्रांसफार्मर

जिम्मेदारों की मनमानी से सरकार की हो रही किरकिरी

कोरांव,प्रयागराज(अनुराग दर्शन समाचार ) । देश की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार हर घर व हर मजरे को बिजली देने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की और प्रत्येक गांव के मजरों एवं घरों में विद्युतीकरण कार्य करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया। जिस पर गांवों में स्वीकृत ट्रांसफार्मरों में अधिकारियों व ठेकेदारों ने व्यापक पैमाने पर हेराफेरी करते हुए गांव में अभी तक बिजली नहीं जला पा रहे हैं। जिससे सरकार की भी किरकिरी हो रही है। खंभे व तार शोपीस बने हुए हैं। खींचे गए तारों में बल्ब न जलने से ग्रामीणों में भी आक्रोश व्याप्त है। कहने को तो सौभाग्य योजना है लेकिन लोगों का दुर्भाग्य है कि विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों की उदासीनता के चलते अभी तक जिन गांवों में 8 माह पूर्व विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है उन गांवों में लाइट नहीं जल रही है। बानगी के तौर पर बरनपुर गांव में सौभाग्य योजना के अंतर्गत हुए विद्युतीकरण कार्य के दौरान कुल चार ट्रांसफार्मर लगाए जाने हेतु स्वीकृति दी गई थी जिस पर महज दो ट्रांसफार्मर लगाकर विभाग अपने कार्य से इति श्री कर ली है और बिजली भी नहीं जल रही है जिससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। गुरुवार को बरनपुर गांव में संविदा बिजली कर्मियों की मनमानी का आलम देखने को मिला जहां सौभाग्य योजना के अंतर्गत हुए विद्युतीकरण में खंभों में खींचे गए तार को पैसे लेकर उतार लिए और कहीं दूसरी जगह ले जाने की फिराक में थे जिस पर ग्रामीणों ने पकड़ लिया और खोल कर ले जा रहे तार को बरामद करा लिया। कोरांव में देवघाट सब स्टेशन से जिन गांव में बिजली आपूर्ति की जाती है उसमें पथरताल फीडर से जुड़े बरनपुर गांव में लाइट आए दिन फाल्ट करती रहती है जिससे 24 घंटे भी बिजली सही तरीके से नहीं चल पाती है। साथ ही फाल्ट का बहाना बनाकर संविदा विद्युत कर्मी उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली भी करते रहते हैं। बिजली ठेकेदार व संविदा विद्युत कर्मियों की बातों पर गौर करें तो बरनपुर गांव में स्वीकृत चार ट्रांसफार्मरों में ठेकेदार व ग्राम प्रधान की मिली भगत से दो ट्रांसफार्मर कहां चले गए उनका कुछ अता-पता नहीं चल रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल स्वीकृत चारों ट्रांसफार्मरों को गांव में लगवाते हुए तत्काल सौभाग्य योजना के अंतर्गत हुए विद्युतीकरण के खंभों व तारों में बिजली सप्लाई चालू कराए जाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र के कई अन्य गांवों में व्यापक पैमाने पर सौभाग्य योजना के अंतर्गत हुए विद्युतीकरण कार्य में ठेकेदार व अधिकारियों के द्वारा हेराफेरी की गई है। जिसकी लोगों ने जांच कार्यवाही की मांग की है।

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