सम्पूर्ण विश्व में आज तानाशाही व विस्तारवादी प्रवृत्ति हावी है-रेवती रमण

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व 80साल के पहले वाली स्थिति से गुजर रहा है जब अधिकतर देशों के राष्ट्रध्यक्ष की नीति तानाशाही व विस्तारवादी थीं जिसके फलस्वरूप विश्व ने प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध झेला आज लगभग 80 साल बाद अमेरिकी, रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया सहित बहुत से देशों के राष्ट्रध्यक्ष की सोच तानाशाही हैं जिसकी वजह से अब विश्व पर तीसरे विश्वयुद्ध के बादल फिर से मड़राने लगें हैं इसी का परिणाम भारत-चीन विवाद हैं उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह चीन के मामले में लगातार जनता को गुमराह किया जा रहा है जबकि सच्चाई इसके उलट हैं चीन ने अक्साई चीन से आगे 85किमी तक भारत की भूमि पर कब्जा किया हैं और गलवान घाटी में जहाँ भारतीय सैनिकों के साथ झड़प हुई थी जिसमें देश के 20 सैनिक शहीद हुए थे आज भी चीनी सैनिक तम्बू गाड़ें हैं यह एक दिन आर्मी की वेबसाइट पर भी था लेकिन शाम को उसको वेबसाइट से हटा दिया गया और केंद्र की मोदी सरकार जनता को लगातार गुमराह करती आ रही हैं कि एक इंच जमीन नहीं कब्जा हुआ।उन्होंने कहा कि इसी तरह दोकलम, अरूणाचल प्रदेश में भी चीनियों ने भारतीय भूमि पर कब्जा किया है केंद्र सरकार को सच्चाई का सामना करना चाहिए और सच सही बात विपक्ष व देश की जनता के सामने रखना चाहिए देश हित से बड़ा कुछ भी नहीं है जनता व विपक्ष सरकार के साथ होगी चीनियों द्वारा कब्जाई भूमि को वापस पाने और शहीद जवानों की कुर्बानी का बदला लेने के लिए मोदी सरकार को ठोस कदम उठाने पर।
पूर्व सपा प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने जबसे केंद्र में मोदी सरकार बनी है अधिकतर निर्णय तानाशाही की तरह लिया गया है चाहे नोटबन्दी, जीएसटी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, कम्पनी की विक्रय प्रक्रिया,शिक्षा नीति, कोरोना महामारी में जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन से लाकडाउन और रेल सेवा बन्द करना जिससें लाखों प्रवासी मजदूर भूखे प्यासे सैकड़ों किमी पैदल चलने को मजबूर हुए और कितनों ने घर द्वार रोटी रोजगार खो कर जान भी गवाईं, ऐसे तानाशाही निर्णय अचानक लिए गये बिना जनता और विपक्ष को विश्वास में लिए जिसके दूरगामी परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

