प्रयागराज ने लगाई 124 पायदान की छलांग

देशभर के 5000 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण-2020
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। स्वच्छता सर्वेक्षण- 2020 में प्रयागराज ने गत वर्ष की तुलना में 124 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। स्वच्छता के पैमाने पर इस बार 4141.47 अंक के साथ शहर पूरे देश में 20वें स्थान पर है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से देशभर के 5000 शहरों में सर्वेक्षण कराया गया है। वहीं सूबे में प्रयागराज को चौथा स्थान मिला है। प्रयागराज के अलावा टॉप 20 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजियाबाद और आगरा ने जगह बनाई है। सूबे में लखनऊ (4728.28) प्रथम, आगरा (4391.51) दूसरे, गाजियाबाद (4283.26) तीसरे, प्रयागराज चौथे और कानपुर (3783.88) पांचवें स्थान पर रहा।
वर्ष 2019 में इसी सर्वेक्षण में प्रयागराज 144 में नंबर पर था जबकि 2018 में इस सर्वेक्षण में प्रयागराज 232वें नंबर पर था। वहीं 2016 में पूरे देश में शहर को 22वीं रैंक मिली थी। तब प्रयागराज को टॉप मूवर्स अवार्ड भी मिला था। बेहतर प्रदर्शन का प्रमुख आधार यह रहा कि इस बार अन्य शहरों की तुलना में शहर में साफ-सफाई एवं कूड़ा निस्तारण का प्रबंधन पहले से बेहतर हुआ है।
गंगा स्वच्छता में मिला चौथा स्थान
प्रयागराज। गंगा की स्वच्छता में प्रयागराज इस बार देशभर में चौथे नंबर पर है। इस रैंकिंग में वाराणसी पहले, कानपुर दूसरे और मुंगेर (बिहार) तीसरे स्थान पर है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता, घाटों की नियमित सफाई, सीवर के पानी को शोधित होने के बाद ही गंगा में जाने देने से यह बदलाव आया है। शहरी क्षेत्र में छह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं। नैनी में 80 एमएलडी, मेंहदौरी में 60 एमएलडी, बक्शी बांध पर 43 एमएलडी, नुमैयाडाही में 50 एमएलडी, कोडरा में 25 और पोंगहट में 10 एमएलडी की क्षमता का एसटीपी है। गंगा में गंदगी न जाने देने के लिए नगर निगम की ओर से 21 घाटों पर विशाल प्रोटेक्शन फोर्स नाम की एजेंसी लगाई गई है। इसके कर्मचारी घाटों पर नियमित सफाई करते हैं।
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कैंटोनमेंट बोर्ड की स्थिति भी सुधरी
प्रयागराज। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रैंकिंग में शहर के साथ-साथ कैंटोनमेंट बोर्ड की स्थिति भी सुधरी है। देशभर के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड प्रयागराज कैंटोनमेंट बोर्ड 53वें नंबर पर है। पिछले साल कैंटोनमेंट बोर्ड की रैंकिंग 59वीं थी। कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ माने अमित कुमार बाबूराव ने बताया कि क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़े का कलेक्शन कराया जा रहा है। तीन सौ सफाईकर्मी नियमित सफाई से जुड़े हैं। देश में नंबर एक पर जालंधर, नंबर दो पर दिल्ली और नंबर तीन पर मेरठ छावनी रही।



