सूबे में एक प्रारंभिक परीक्षा से होंगी भर्तियां!

आसानी से भरे जा सकेंगे सरकारी विभागों के रिक्त पद
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। केन्द्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी सभी भर्तियों के लिए एक प्रारंभिक परीक्षा कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इससे एक ओर जहां भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में रिक्त पद आसानी से भरे जाएंगे। उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय सरकारी विभागों में भर्तियों के लिए अलग-अलग आयोग और बोर्ड बने हुए हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को समूह ग तक की भर्तियां करने का अधिकार है। इससे ऊपर की उत्तर प्रदेश भर्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) करता है।
राज्य सरकार इस संभावना पर विचार कर रही है कि दोनों आयोगों के लिए प्रारंभिक (प्री) परीक्षा एक साथ कराई जाए और मुख्य परीक्षाएं दोनों आयोग अपनी-अपनी कराएं। साथ ही इस विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है कि केन्द्रीय नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी से पास होने वालों को सीधे मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए। इससे यूपी के आयोगों को आसानी से पात्र अभ्यर्थी मिल जाएंगे।
यूपीपीएससी और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिकारियों पर भी नए सिरे से विचार कर सकती है। मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा कराने की नीति प्रस्तुत की थी। जिसमें केन्द्र की तर्ज पर भर्तियों के लिए एक प्रारंभिक परीक्षा कराने की बात कही गई है। इस पर फैसला लेने के लिए उच्चाधिकारियों की एक कमेटी बनाए जाने की तैयारी है। कमेटी के सुझाव के आधार पर कार्मिक विभाग भर्ती नियमावली में संशोधन कर सकता है।




