माशिप: अब ई-ज्ञान गंगा से होगी पढ़ाई

दूरदर्शन व स्वयंप्रभा चैनल-22 पर होगा प्रसारण
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण बाधित चल रहे शिक्षण कार्य को पटरी पर लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नया तरीका ईजाद किया है। नौवीं से लेकर बारहवीं तक के छात्रों की पढ़ाई अब वर्चुअल स्कूल के जरिये ई-ज्ञान गंगा के तहत कराने की योजना बनायी गयी है। ई-ज्ञान गंगा प्रोजेक्ट के तहत कक्षाएं अब ऑनलाइन के बजाए वर्चुअल स्कूल के जरिये दूरदर्शन उत्तर प्रदेश और स्वयं प्रभा चैनल-22 पर चलायी जायेंगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि 9वीं एवं 11वीं की कक्षाएं स्वयं प्रभा चैनल पर सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक और 4.30 से 6.30 बजे तक और 10वीं और 12वीं की कक्षाएं वीडियो के जरिये दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर 1 बजे से सायं 6.30 बजे तक विषयवार चलायी जायेंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शनिवार को शिक्षकों द्वारा व्हाटसअप के जरिये सोमवार से शुक्रवार तक होने वाली पढ़ाई से जुड़े प्रश्न पूछे जायेंगे जिनका जवाब बच्चों को ऑनलाइन ही देना पड़ेगा।
ई-ज्ञान गंगा की देखरेख के लिए प्रयागराज में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका प्रभारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी को बनाया गया है जो कि कक्षा से संबंधित फीडबैक तमाम विद्यालयों से लेंगे। उन्होंने बताया कि जो बच्चे ई-ज्ञान गंगा से क्लास नहीं कर सकेंगे उनके लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग का पोर्टल यू-ट्यूब पर है जिसमें सभी कक्षाओं से संबंधित वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड रहेंगे जिन्हें विद्यार्थी कभी भी खोलकर देख सकते हैं।
आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि ब्लाकवार 84 नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है जो कि वित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्य होंगे। साथ ही इसकी मॉनीटरिंग के लिए 10-12 विद्यालयों पर एक नोडल अधिकारी बनाये गये हैं। जिविनि ने बताया कि विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विद्यालय स्तर पर विषयवार शिक्षकों के मोबाइल नंबर छात्रों को उपलब्ध कराने के लिए प्रधानाचार्यों को कहा गया है। ऐसे विद्यार्थी जिनके पास टेलीविजन एवं ऑनलाइन शिक्षण हेतु व्यवस्था नहीं है उनके लिए दूरस्थ शिक्षा से संबंधित पाठ्यसामग्री उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि जो विद्यार्थी व्हाटसअप के जरिये विद्यालयों में प्रश्न नहीं भेज सकते उनके लिए विद्यालय में कक्षावार ड्रापबाक्स की व्यवस्था की गयी है जिसमें अभिभावक अपने बच्चों के प्रश्न ड्राप बाक्स में डाल सकते हैं।


