नदी के पुल एवम सड़क की समस्या को लेकर पीएमओ से लगाई गुहार

सामाजिक कार्यकर्ता जोगेश्वर पांडेय की पहल की लोग कर रहे सराहना
( रमेश तिवारी/ अनुराग शुक्ला )
कोराव,प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के 2500 आवादी वाले गांव में संपर्क मार्ग की बदहाली एवं नदी पर पुल न होने की वजह से विगत कई वर्षों से समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से
बेउम्मीद होकर पीएमओ कार्यालय से समस्याओं के समाधान के लिए गुहार लगाई है ।उक्त गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता योगेश्वर प्रसाद पांडे एवं अन्य लोगों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र में कहां है कि कोराव कोंहड़ार घाट मुख्य मार्ग से निकला हुआ भभोर संपर्क मार्ग विगत कई वर्षों से बदहाली का शिकार है जिसके चलते लोग दलदल में चलने को मजबूर हैं इसके अलावा मुख्य मार्ग से संपर्क मार्ग को जोड़ने वाली सड़क के बीच में स्थित लपरी नदी पर बना पुल काफी नीचे होने की वजह से बरसात के महीने में पानी में डूब जाता है जिसकी वजह से लोगों का आवागमन पूरी तरह से मुख्य संपर्क मार्ग से कट जाता है ।ऐसी हालत में अगर गांव में कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो वह बिना इलाज के ही दम तोड़ देता है ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन उसके बावजूद भी आज तक उक्त बड़ी समस्याओं को लेकर किसी भी तरह की कोई पहल जिम्मेदारों द्वारा नहीं की गई जिसकी वजह से गांव के लोग काफी परेशानी का सामना कर रहे है । ग्रामीणों द्वारा पीएमओ कार्यालय को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि प्रयागराज की सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को भी दी गई है हालांकि पीएमओ कार्यालय में भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया गया है जिस पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय से जनपद प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखा गया जिसमें दर्शाया गया है कि पीएमओ कार्यालय में भेजे गए पत्र के संदर्भ में टीम गठित कर लपरी नदी पर पुल बनाए जाने के लिए एक करोड़ बारह हजार रुपए खर्च होने के अनुमान का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है और जिम्मेदार अफसरों से इस बारे में आख्या मांगी गई है ।ग्रामीणों को उक्त कार्रवाई से लपरी नदी पर पुल निर्माण की आस जग गई है अब देखने वाली बात होगी कि आखिर कब तक इस विकट समस्या का समाधान किया जाता है ।उल्लेखनीय है कि बरसात के महीने में उक्त गांव में लपरी नदी पर बना पुल पानी की वजह से डूब जाता है जिसके चलते पूरा गांव घर में ही कैद होकर रहने को मजबूर हो जाता है।




