श्रीमहंत नन्दरामदास जी महराज की पुण्यतिथि मनाई गई

पूज्य गुरुदेव जी की यादगार में आयोजित हुआ भंडारा-श्रीमहंत राजेन्द्र दास
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा के पूर्व श्रीमहंत साकेतवासी नन्दरामदास महराज की स्मृति में महालय के दौरान आज त्रिवेणी बांध मोरी गेट स्थित नव निर्मित अखाड़े में भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी जी महाराज समेत सैकड़ों संतों वह भक्तों ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।
इसके पूर्व अखाड़े के वर्तमान श्रीमहंत राजेन्द्र दास जमहाराज और श्रीमहंत रामजी दास महाराज ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का माल्यार्पण और तिलक लगाकर स्वागत किया।इस दौरान श्रीमहंत राजेन्द्र दास जी महराज ने अपने पूज्य गुरुदेव भगवान की संत सेवा और साधना के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि पूज्य गुरुदेव भगवान अनूठी प्रतिभा के धनी थे,जिसके कारण वह संत समाज में बहुत लोकप्रिय थे। अपनी इसी लोकप्रियता के कारण ही वह लगातार 65 वषों तक निर्मोही अनी अखाड़े के श्री महंत रहे।उनकी संत सेवा व साधना जग जाहिर है।उनकी संत सेवा और साधना के चलते सभी तेरहों अखाड़ों के संत उनका सम्मान करते थे।वह निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत जरूर थे परन्तु उनका बोलबाला तीनों अनियों में था।श्री महराज ने कहा कि इसी तरह पूज्य महाराज के गुरु श्रीमहंत निर्मल दास जी महाराज भी बहुत लोकप्रिय थे। अपनी लोकप्रियता के कारण वह भी 45 वर्षों तक निर्मोही अनी अखाड़े के श्रीमहंत रहे।श्री महराज ने कहा कि आज पूज्य गुरुदेव भगवान की स्मृति में भंडारे का आयोजन कर संतों व भक्तो को प्रसाद पवाकर वह जिस सुख की अनुभूति कर रहे हैं,उसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता। भंडारे में सैकड़ों संत व भक्त गण शामिल हुए।




