अंग्रेजी त्यौहार “वैलेंटाइन डे” पर प्रेमी से मिली मौत की सौगात मौत के कुएं फेंका था प्रेमिका की लाश को

आवेश में आकर पागल हो गया था शालिनी का प्रेमी रवि गला घोंटकर की हत्या
आश्चर्यजनक पुलिस के मुताबिक अकेले ही प्रेमिका की लाश को बोरे भरकर में रात्रि नौ बजे के आसपास कुएं में फेंका था और किसी ने देखा तक नहीं?
*इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया गया लेकिन पोलोग्राउण्ड रोड पर गश्त करने वाले पुलिस और सेना के जवान कहां थे?*
*पहली बार लाश नहीं मिली है आखिर क्यों नहीं मौत के कुएं पर खुद या नगर निगम से कहकर लोहे का जाल लगवाते सेना के अधिकारी*
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित पोलोग्राउण्ड कुएं में बोरे में मिली शालिनी धुरिया को गला दबाकर मारने और लाश को वाला ठिकाने लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका प्रेमी रवि ठाकुर (चिक्की) था। इस बात का खुलासा पुलिस जांच और पूछताछ में हो गया और पुलिस ने रवि को कोर्ट में पेश कर उसे जेल भी दिया। मूलरूप से फूलपुर के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद वर्तमान में परिवार समेत तेलियरगंज में शिलाखाना मोहल्ले में रहते हैं। गौरतलब है कि 20 फरवरी की शाम को पोलोग्राउण्ड स्थित कुएं से उनकी दूसरे नम्बर की बेटी शालिनी धुरिया की बोरे में भरी लाश पायी गयी थी।
उसदिन मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी थी अगले दिन सोमवार को समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पढ़कर उसके परिजनों ने शालिनी की शिनाख्त की थी। पुलिस के लिये इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाना भूंसे के ढ़ेर से सुई ढूंढ़ने जैसा था अगर मृतका की कलाई पर रवि नाम का टैटू न बना होता तो। पुलिसया जांच के दौरान रवि कौन है। जब शालिनी के पिता से पूछा तो उन्होंने बताया कि।उनकी बेटी शालिनी का दोस्त है यह बात साफ हो जाने के बाद से हत्या के रहस्य से पर्दा उठाने वाली जांच पड़ताल में जुटी संबंधित थाना सिविल लाइंस को रवि ठाकुर (चिक्की) पर पूरा शक हो गया था। कि हो न हो दिल्ली में रहकर जाब करने वाली व नेशनल स्तर की फुटबॉल प्लेयर रही शालिनी धुरिया(रोली)की हत्या रवि ने ही की है और उसकी हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने भी उसी ने लगाया है। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने शालिनी के प्रेमी रवि ने यही बयान दिया है। गौरतलब है कि शालिनी धुरिया दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी उसे होली पर अपने घर आना था लेकिन प्रेमी से मिलने की चाह उसे प्रयागराज खींच लाई क्योंकि मौका भी था और दस्तूर भी कारण 14 फरवरी को अंग्रेजी त्यौहार “वैलेंटाइन डे”था इसदिन प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे से मिलते हैं एक-दूसरे पर जमकर अपना प्यार बरसाते हैं। लेकिन यहां तो उल्टी कहानी हो गयी मृतका शालिनी इतनी दूर दिल्ली से ट्रेन द्वारा प्रयागराज आयी रवि ने उसे प्लेटफार्म नंबर 4 से रिसीव किया। और फिर लोको कालोनी के स्टाफ क्वार्टर अपने कमरे में भी ले आया । शालिनी फ्रेश होने चली गई । तो उसका मोबाइल चेक करने लगा मोबाइल चेक करने के दौरान उसने पाया कि शालिनी के संबंध सिर्फ उसी से नहीं और भी कई लोगों से हैं। जब शालिनी फ्रेश होकर आयी शक के आधार पर पूछताछ भी कि जो शालिनी को नागवार गुजरा और गुस्से में आकर उसने रवि के गाल पर तमाचा जड़ दिया । दोनों के बीच हाथापाई कहासुनी सब हुई लेकिन कमरे व पास पड़ोस के लोगों को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी कि अंदर कमरे में क्या चल रहा है।
सबसे बड़ी बात रवि को इतना गुस्सा आया कि उसने तैश में आकर अपनी प्रेमिका शालिनी का गला दबाकर मार डाला और पुलिस को दिए बयान के अनुसार शालिनी की लाश को उसने बोरी में पैरों को मोड़कर बोरे में भरने के बाद बोरे को सिला भी सिर्फ इतना ही नहीं रात करीब नौ बजे के आस पास बोरे भरीउसकी लाश को अकेले ही बाइक पर लादा और कैंट एरिया स्थित पोलोग्राउण्ड के अंदर बने कुएं में फेंक दिया। बड़े ही ताज्जुब की बात है रवि ने अकेले ही इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया लेकिन हाईकोर्ट चौराहे के पास हमेशा खड़ी रहने वाली पुलिस और लगातार अपने क्षेत्र में गश्त करने वाले क्यूआरटी के जवानों को तनिक भी भनक नहीं लगी रवि बंदा आराम से अपने काम में मस्त हो गया सिर्फ इतना नहीं अपनी प्रेमिका के घर भी गया उसके पिता व भाई-बहनों से मिला उनके साथ अपनी प्रेमिका की खोजबीन का नाटक भी किया थाने पर भी मौजूद रहा बराबर कहता रहा कि वह निर्दोष है पिछले कई महीनों से शालिनी की उससे बात ही नहीं हो रही थी लेकिन पुलिस की कड़ाई से वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। सबकुछ ठीक है मगर सवाल अब भी अपनी जगह कायम है इस कहावत को चरितार्थ करते हुए कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।



