Latest

ज्ञाति अवार्ड से नवाजे गए जितेन्द्र, गंगा की मिट्टी से बिजली बनाने की खोजी तरकीब

एमएनएनआईटी के छात्र के शोध को पीएम ने सराहा

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के शोध छात्र जितेंद्र प्रसाद को केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने गांधीवादी यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (ज्ञाति) अवार्ड 2020 से सम्मानित किया। जितेंद्र ने कुछ महीने पहले प्रयोगशाला में 14-14 घटे तक काम कर गंगा की मिट्टी से घरों तक बिजली पहुंचाने की तरकीब खोजी थी। इस तरकीब की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी।
मूलरूप से गाजीपुर के मुहम्मदाबाद स्थित शक्करपुर गाव के मूल निवासी शोध छात्र जितेंद्र ने पिछले दिनों एक शोध में दावा किया था कि गंगा की मिट्टी में वैक्टीरिया (माइक्रोब्स) मिलता है। इससे रासायनिक क्रिया द्वारा इलेक्ट्रॉन उत्पन्न किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉन, सद्दकट में प्रवाहित होने के कारण सेडीमेंट माइक्रोबियल फ्यूल सेल में बिजली उत्पन्न करता है। इसके बाद लो वोल्टेज से हाई वोल्टेज में कन्वर्ट किया जाता है।
जितेंद्र ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट बनाकर सेडिमेंट मैक्रोबियल फ्यूल सेल को लो वोल्टेज से हाई वोल्टेज में कन्वर्ट किया गया। फिर 12 वोल्ट की बैट्री चार्ज कर इसे 230 वोल्ट की एसी वोल्टेज में बदलकर बिजली के बल्ब को नौ घंटे तक जलाया गया। प्रयोगशाला में 14-14 घटे तक काम कर चार वर्षो में यह टेक्नोलॉजी विकसित की गई। अभी सेडीमेंट माइक्रोबियल फ्यूल सेल का प्रायोगिक उपयोग किया जा सकता है। यह शोध उन्होंने प्रोफेसर रमेश कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में किया।

Related Articles

Back to top button