पति के रहते महिला को विधवा पेंशन: हाईकोर्ट ने दिया फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच का आदेश

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी मथुरा को जिला पंचायतराज अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान की मिलीभगत से हुए फर्जीवाड़े की तीन माह में निष्पक्ष जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर एवं न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने माधव सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता धर्मेन्द्र सिंह ने बहस की। मामले के तथ्यों के अनुसार बछगांव निवासी माधव सिंह ने मगौर्रा थाने में अदालत के माध्यम से 29 नवंबर 2019 को एक एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें ग्राम प्रधान व अन्य के खिलाफ षडयंत्र, धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा कर लोगों को सरकारी धन का अनुचित लाभ देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कई कई साल पहले मरे चार लोगों को 2017 में मृत्यु होने प्रमाणपत्र देकर वारिसों को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाया गया है। साथ ही जिंदा व्यक्ति को मृत्यु प्रमाणपत्र देकर उसकी पत्नी को विधवा पेंशन का भुगतान किया गया है। याचिका में कहा गया कि पुलिस सही जांच नहीं कर रही है। किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस मामले को रफा-दफा कर फाइनल रिपोर्ट लगाने जा रही है। याचिका में सबूतों के साथ हलफनामा दाखिल कर सही जांच और कार्यवाही की मांग की गई थी।




