इविवि की रैंकिंग उठाने करें प्रयास: प्रो. योगेंद्र

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का 134वें स्थापना दिवस समारोह
गौरवशाली अतीत की वापसी हम सबका उद्देश्य: कश्यप
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ऑल इंडिया रैंकिंग बहुत नीचे है, जिसे ऊपर लाने की जिम्मेदारी हम सबकी होनी चाहिए। इससे विश्वविद्यालय की छवि में सुधार होगा। यह बातें प्रो. योगेंद्र नारायण ने कहीं। वो इविवि के 134वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। उन्होंने इविवि की खोई छवि को वापस लाने के लिए एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया। साथ ही इंडियन नॉलेज सिस्टम के अध्ययन पर जोर दिया।
प्रो. योगेंद्र ने कुलपति प्रो. आरआर तिवारी के अल्पकाल में किए गए कार्यों की भी सराहना की। कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यों की प्रगति और उनकी जानकारी के लिए मंथली ई-लेटर निकाला जाना चाहिए जिसमें यहां के रिसर्च के बारे में देश दुनिया को पता चल सके।
संविधानविद् एवं पुराछात्र सुभाष कश्यप ने कहा कि विश्वविद्यालय का अतीत गौरवशाली रहा है परंतु भविष्य वर्तमान की आधारशिला पर बनता है। इन दिनों सत्ता संपदा और सफलता ही प्रमुख लक्ष्य माना जाता है। इसे किसी भी कीमत पर हासिल करना लोगों का एकमात्र उद्देश्य बन गया है। उन्होंने कहा कि वह इविवि के गुरुजनों के ऋणी हैं जिन्होंने सिखाया और उन्होंने सदैव उसका पालन किया और कभी भी सत्ता संपदा और सफलता के लिए किसी भी समझौते को करने से इंकार कर दिया।
प्रो. बालकृष्ण अग्रवाल ने भौतिकी विज्ञान विभाग के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1924 में प्रो. मेघनाद साहा जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक ने इस विभाग की स्थापना की थी। अस्पष्टता यानी क्लेरिटी ऑफ द सब्जेक्ट आवश्यक है और यही भौतिकशास्त्र की विशेषता है। उन्होंने कहा कि इनोवेशन के लिए भौतिक शास्त्र अत्यंत आवश्यक है। बिना भौतिक शास्त्र जाने अन्य विज्ञान स्पष्टता से नहीं समझे जा सकते हैं। कहा कि यहां पर जो प्रैक्टिकल होते हैं वह भारत के संभवत किसी लैब में नहीं हैं। फिजिक्स विभाग पिछले 20 वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ रहा, वर्तमान में नैनो फिजिक्स सोलर सेल क्रिस्टल आदि पर भी कार्य हो रहा है।
पुराछात्रों को जोडऩे की कवायद: प्रो. तिवारी
प्रयागराज। इविवि कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट में परिवर्तन किया गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट में पुरा छात्रों को जोडऩे के लिए एक विशेष लिंक दिया गया है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए किस तरह से विश्वविद्यालय में अपना फेस मास्क डिजाइन किया है, सैनिटाइजर बनाया है, सफाई कर्मियों के लिए पीपीई का निशुल्क वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए एक विशिष्ट सुविधा संपन्न स्टूडियो का निर्माण किया गया है। 1434 मेगा वाट का सोलर सिस्टम, साथ ही 33 किलो वाट का वाला जनरेटर लगाया गया है। यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में इस अल्पावधि में मेडिकल लैब की स्थापना की गयी। स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर भी खोला गया है जहां पर लाइब्रेरी कैफिटेरिया और जिम्नेशियम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा छात्रों के लिए 36 कमरों का और छात्राओं के लिए 60 कमरों का डबल सीटर छात्रावास का निर्माण भी किया गया है।




