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मोदी ने हमारे साथ छल किया: प्रयागराज में PM की सभा छलका सफाईकर्मियों का दर्द, बोले-हमारे पैर तो पखार दिए पर उससे पेट नहीं भरता

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। सफाई कर्मी नरेश कुमार और प्यारे लाल का दर्द उस समय छलक आया जब उन्हें प्रशासन ने प्रधानमंत्री की सभा के अंदर नहीं जाने दिया।

सफाई कर्मियों ने बताया साहब, मोदी ने हमारे साथ छल किया है। कुंभ-2019 में हमारे पांव तो पखार दिए पर उससे क्या किसी का पेट भरता है? हमें तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है।

हम भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। अब जब मोदी खुद प्रयागराज चलकर आए हैं और हम सभी उनसे मिलकर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते हैं तो हमें प्रशासन ने मिलने नहीं दिया।

पास न होने से सभा में जाने से रोका

प्रयागराज में परेड ग्राउंड में मोदी की सभा से करीब 100 मीटर दूर खड़े सफाई कर्मी नरेश कुमार और प्यारे लाल का दर्द उस समय छलक आया जब उन्हें प्रशासन ने मोदी की सभा के अंदर नहीं जाने दिया।

उनके पास नमामि गंगे मिशन का परिचय पत्र था। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपना परिचय पत्र भी दिखाया पर उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं है। नरेश कुमार और प्यारे लाल ने कहा कि हम वहीं नरेश कुमार और प्यारे लाल हैं जिनके मोदी जी ने 2019 के कुंभ में पैर पखारे था। आज हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

*मोदी की सभा में प्रदेशभर से स्वयं सहायता समूह से महिलाएं आईं थीं।*

मोदी की सभा में प्रदेशभर से स्वयं सहायता समूह से महिलाएं आईं थीं।अधिकारियों से मोदी से मिलने की मांगी थी अनुमति नरेश कुमार ने बताया कि हमने जिलाधिकारी से यह निवेदन किया था कि हमें पांच मिनट के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने दिया जाए। हम उनसे अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते हैं। हम उनसे कहना चाहते हैं कि केवल झूठ सम्मान से गरीब का पेट नहीं भरता। हमें रोजगार चाहिए। हमें बराबर हमारा वेतन चाहिए। पिछले तीन महीने से हमें वेतन नहीं मिला है जिससे हमारे बच्चे भूखों मरने की कगार पर हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं।

*पहले मिलता था 10 हजार, अब 8 हजार कर दिया*

नरेश कुमार ने बताया कि पिछले चार सालों से वे संगम की साफ-सफाई में लगे हैं। पहले उन्हें 10 हजार रुपए वेतन मिलते थे। उसे घटाकर अब 8 हजार कर दिया गया है। अभी पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में हम परिवार कैसे चलाएं यह मोदी जी से मिलकर हम पूछना चाहते हैं। नरेश का कहना है कि क्या यही सम्मान है? असली सम्मान तो तब होगा जब नरेंद्र मोदी जी ने जिस-जिसके पांव पखारे उसे सरकारी नौकरी दे दें। केवल पैर पखार दिया यह कौन सा सम्मान है। इससे पेट नहीं भरता।

*वेतन मांगने पर देते हैं नौकरी से निकालने की धमकी*

संगम क्षेत्र व उसके आसपास के क्षेत्र में साफ सफाई का जिम्मा संभाल रहे सफाई कर्मियों को नमामि गंगे परियोजना के तहत वेतन दिया जाता है। साफ-सफाई का जिम्मा विशाल प्रोटेक्शन फोर्स नाम की कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी की तरफ से इन सफाई कर्मियों को पिछले 3 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। अब उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट है। सफाई कर्मी नरेश का कहना है कि अपना परिवार पालने के लिए अब हम सूदखोरों से कर्जा ले रहे हैं। ब्याज भी न मिलने से सूदखोर हमें परेशान करने लगे हैं। कई महीने से वेतन न मिलने के कारण मूलधन तो छोड़ दीजिए ब्याज भी नहीं दे पा रहे हैं। हमारे सामने दो जून की रोटी का संकट है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं।

पीएम के पैर धुलने से बंधी थी अच्छे दिन की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ 2019 में सफाई कर्मियों की पैर पखारे थे। पैर पखारने पूरे देश के सफाईकर्मी फूले नहीं समाए थे। पूरी दुनिया में इसका गहरा संदेश गया था। विरोधी पार्टियों ने इसे राजनीतिक एजेंडा करार दिया था तो वहीं समर्थकों ने एक मिसाल कायम करने की बात कही थी। फिलहाल इस सम्मान से देशभर के सफाई कर्मियों के मन में आस जगी थी कि अब उनके भी दिन बहुरेंगे। हालांकि संगम पर काम कारने वाले सफाई कर्मियों के जीवन में ऐसा कुछ भी परिवर्तन नहीं आया।

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