गंगा तट सेलोकप्रियसंत समागम
बांसुरी संग संगीत की जुगलबंदी की सूर सरिता में बहे श्रोता
प्रयागराज ( अनुराग शुक्ला ) । अरैल घाट पर चल रही मोरारीबापू की राम कथा “मानस अक्षयवट” के तहत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत शुक्रवार की शाम बांसुरी वादन कार्यक्रम के नाम रही। ख्यात बांसुरी वादक बलजिंदर सिंह बल्लू और उनकी टीम ने ऐसे सूर छेड़े की श्रोता, मधुर स्वर की रसधारा में बह निकले।

बलजिंदर सिंह बल्लू ने बांसुरी से ऐसे सूर निकाले कि सुनने वाला उस धून में खो सा गया। बल्लू ने झूले झूले लाल ,ओ पालन हारे ,राधे कृष्णा हरे कृष्णा जैसे संगीत सुर बासुंरी लय से देकर सभी दर्शकों को आनंदित कर दिया।

बल्लू की टीम भी उनके बांसुरी वादन में पूरा सहयोग कर रही थी। यमुना घाट, त्रिवेणी संगम और अक्षयवट की छाव में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में मोरारीबापू सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।




