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1 अप्रैल से कहीं राहत तो कहीं आफत जानिये पूरी खबर

नई दिल्लीः एक अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2018-19 के साथ ही सरकार द्वारा किए गए कई बदलाव भी लागू हो रहे हैं। वित्त मंज्ञी अरुण जेतली ने बजट में कई तरह के बदलाव किए और इसके साथ ही आयकर कानून में भी कुछ बदलाव हुए हैं।

ई-वे बिल 
वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) व्यवस्था के तहत कारोबारियों और ट्रक परिचालकों को कल से एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपए से अधिक का माल लाने-ले जाने के लिए सबूत के तौर पर इलेक्ट्रानिक प्रणाली से प्राप्त किया गया मार्ग-विपत्र (ई- वे बिल) साथ में रखना होगा। इसे पहले यह व्यवस्था एक फरवरी से लागू की जानी थी पर इस बिल को ऑनलाइन हासिल करने में तकनीकी दिक्कतें आने पर इसे टाल दिया गया था।

शेयर बाजार से कमाई पर टैक्स
सरकार ने बजट में 14 वर्षाें के बाद शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपए से अधिक के पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर (एलटीसीजी) लगाने का प्रस्ताव किया था। अभी एक साल के भीतर शेयर बिक्री से होने वाले लाभ पर 15 प्रतिशत कर लगता है।

कॉर्पोरेट टैक्स 
कॉर्पोरेट टैक्स के संदर्भ में बजट में 250 करोड़ रुपए सालाना कारोबार वाली कंपनियों के लिए टैक्स की दर कम कर 25 प्रतिशत किया गया है। इस दायरे में 99 प्रतिशत कंपनियां आती हैं। वर्ष 2015 में जेतली ने 4 साल में कंपनी कर को मौजूदा 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का वादा किया था।

स्टैंडर्ड डिडक्शन
नौकरीपेशा वर्ग को 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा लेकिन ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल अलाउंस खत्म हो जाएगा।

NPS पर टैक्स नहीं देना होगा
सेल्फ इंप्लायड एनपीएस खाता धारकों को खाता बंद करने के दौरान कुल फंड की 40 प्रतिशत राशि पर टैक्स नहीं देना होगा। वेतन भोगियों को यह सुविधा पहले से मिल रही है।

SBI में कम बैंलेंस पर कम चार्ज
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को राहत दी और बैंक अकाउंट में औसर मासिक बैलेंस न होने पर लगने वाले चार्ज को कम कर दिया है। ये नियम भी 1 अप्रैल से ही लागू हो रहे हैं।

निवेश से मिले ब्याज में छूट
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर मुक्त ब्याज आय की सीमा 5 गुना बढ़ाकर 50,000 रुपए सालाना कर दी गई है। इसी तरह आयकर कानून की धारा 80डी के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर किए गए भुगतान और चिकित्सा व्यय पर कर कटौती की सीमा भी 30,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दी गई है।

इनकम टैक्स पर सेस अधिक
इस साल से इनकम टैक्स पर सेस अधिक लगेगा। इनकम टैक्स पर 3 फीसदी के बदले अब 4 फीसदी हेल्थ और एजुकेशन सेस लगेगा।

पीएम वय वंदना योजना का विस्तार
इस योजना में निवेश की सीमा 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। 31 मार्च 2020 तक इसमें जमा पर 8 प्रतिशत सुनिश्चित ब्याज मिलेगा।

इलाज खर्च पर टैक्स में राहत
वरिष्ठ नागरिकों के इलाज खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 60 हजार थी और 80 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 80 हजार थी, मगर अब सबके लिए एक लाख रुपए हो गई है।

कई उत्पाद होंगे महंगें

  • सीमा शुल्क बढऩे के कारण मोबाइल और टीवी जैसे उत्पाद महंगे हो जाएंगे।
  •  टीवी पैनल के सबसे महत्वपूर्ण पार्ट ‘ओपन सेल’ पर बजट में घोषित 10 प्रतिशत ड्यूटी को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
  • सिगरेट, सिगरेट लाइटर, पान मसाला, जर्दा, सिगार और खैनी के दाम भी कल से बढ़ जाएंगे।
  • चमड़े के फुटवियर, चमड़े के उत्पाद, परफ्यूम, आफ्टर शेव, डियोडरेंट्स, रूम फ्रैशनर, स्मार्ट वॉच, फुटवियर और धूप के चश्मे भी महंगें हो जाएंगे।

टोल होगा महंगा 
नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर एक अप्रैल से सफर करना महंगा हो जाएगा। एन.एच.ए.आई. ने टोल की दरों को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना कि टोल दरों के बढ़ने से आवश्‍यक वस्‍तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।

यह होगा सस्ता

  • रेलवे में ऑनलाइन टिकट बुकिंग कल से सस्ती हो जाएगी।
  • ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के मद्देनजर एक अप्रैल से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें सस्ती हो जाएंगी।
  • आरओ, देश में तैयार हीरे, जीवनरक्षक दवाएं, नमक, माचिस, एलईडी, एचआईवी की दवा और सिल्वर फॉइल की कीमतें कम हो सकती है।

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