आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेशनल रेल प्लान पर मांगे गए सुझाव

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग से रेलवे को माल और यात्री क्षेत्र में हिस्सेदारी बढ़ाने, मांग पर ट्रेनें चलाने, क्षमता का प्रभावी उपयोग करने, सटीक मांग भविष्यवाणी के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, संसाधनों के सही उपयोग के माध्यम से लागत पर नियंत्रण, भविष्य के लिए आवश्यक संपत्ति आदि की सटीक योजना बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे के काम आएगा यात्री व माल व्यापार क्षेत्र से एकत्र डेटा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेशनल रेल प्लान पर मांगे गए सुझाव
इसी प्रकार, मानव संसाधन के क्षेत्र में भी डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर्मचारियों के कौशल, संतुष्टि के स्तर में सुधार के साथ साथ शिकायतों में पर्याप्त कमी के लिए भी किया जाएगा।
रेलवे अपने यात्री और माल व्यापार क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में डेटा उत्पन्न करता है और यह संरचित और स्वैच्छिक डेटा रेलवे, रेलवे के स्वामित्व वाले सार्वजनिक उपक्रमों और रेलवे संपत्ति के रखरखाव के क्षेत्र में कुछ ओईएम के पास उपलब्ध हैं।
रेलवे इन डेटा का विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अपनी दक्षता में इजाफा करेगा। डेटा एनालिटिक्स पर आगे कार्य करने के लिए दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक और उनकी टीम को यह कार्य सौंपा गया।
दक्षिण मध्य रेलवे ने अधिकारियों को प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान करने और रेलवे की आंतरिक प्रतिभाओं का उभारने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के साथ लांग टर्म इंगेजमेंट किया है।
साथ ही इस पर तेजी से कार्य करते हुये, विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट के 87 अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। अन्य क्षेत्रीय रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट और पीएसयू के अधिकारियों को भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे अधिकारियों को माल परिवहन में सुधार और रेलवे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विश्लेषण के बढ़ते उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई दी।
अध्यक्ष रेलवे बोर्ड और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेलवे बोर्ड विनोद कुमार यादव ने महाप्रबंधकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इन कार्यो की प्रगति की निगरानी रखने के लिए कहा।
इनसेट…
आधारभूत क्षमता का निर्माण करना उद्देश्य
प्रयागराज। नेशनल रेल प्लान का उद्देश्य 2030 तक इतनी आधारभूत क्षमता का निर्माण करना है जो 2050 तक बढ़ती मांग को पूरा करने मे सक्षम होगा और एनआरपी के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट शेयर को बढ़ाने के लिए तैयार की गई योजनाओ और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की पहचान कर और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने का कार्य किया जाएगा। विभिन्न व्यवसयिक मॉडलों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मूल्यांकन कर रेलवे के लिए सर्वोत्तम रणनीति बनाना भी नेशनल रेल प्लान का हिस्सा है।
नेशनल रेल प्लान के आधार पर मार्च 2024 तक उत्तर मध्य रेलवे के लिए लक्षित कुछ महत्वपूर्ण कार्यों में नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली-मुंबई मुख्य मार्ग का 160 किमी प्रति घंटे तक की गति हेतु उन्नयन कार्य, आरओबी व आरयूबी के माध्यम से मानवयुक्त समपारों का पूर्ण उन्मूलन, दोहरीकरण कार्यों को पूरा करना, मुख्य मार्गों पर यार्ड रीमॉडलिंग कार्य, फ्लाईओवर का निर्माण, उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित करना आदि शामिल हैं।



