ध्वस्तीकरण मामले में यथास्थिति कायम रखने का आदेश

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के शाम-ए-हुसैनी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ध्वस्तीकरण मामले में मौके पर यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया है।
शाम-ए-हुसैनी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज का मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी इस मामले में जानकारी
कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में तीन नवंबर तक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस एवं न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने सोमवार को दशहरा अवकाश के दौरान सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका में यह कहते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई थी कि हॉस्पिटल को कोविड सेंटर बनाया गया है और वहां कोराना मरीजों का इलाज हो रहा है। याचिका में कहा गया कि याची ने शाहबरखुरदार गाजीपुर में उक्त मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाया था।
हॉस्पिटल में अवैध निर्माण के शमन के लिए प्रस्तुत उसका प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। उसके बाद आठ अक्तूबर 2020 को ध्वस्तीकरण का नोटिस दे दिया गया।
याची ने इसके खिलाफ स्थगन प्रार्थनापत्र के साथ अपील दाखिल की। अपील के लंबित रहने के दौरान भी उन्हें ध्वस्तीकरण के लिए धमकाया गया तो उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।
याची का कहना था कि उसकी अपील 23 अक्तूबर 2020 को खारिज कर दी गई और अगले दिन ही 24 अक्तूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। जबकि याची के पास अपील खारिज होने के खिलाफ पुनरीक्षण अर्जी दाखिल करने का विकल्प मौजूद है।
यदि ध्वस्तीकरण कर दिया जाएगा तो उसके पुनरीक्षण के अधिकार का हनन होगा। हाईकोर्ट ने अपील पर निर्णय होने तक ध्वस्तीकरण न करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मौके पर यथास्थिति कायम रखने का आदेश देते हुए राज्य सरकार से इस मामले में जानकारी मांगी है।



