निभाई गई भरत मिलाप की परंपरा

( विनय कुमार मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना काल में पथरचट्टी रामलीला की ओर से भरत मिलाप की परंपरा निभाई गई। महामारी को देखते हुए स्थान जरूर बदला था लेकिन भाव और भव्यता पहले जैसे रही। हर वर्ष लोकनाथ चौराहे पर ऐतिहासिक आयोजन होता था। लेकिन कोरोना के कारण पहली बार भरत मिलाप रामलीला परिसर में किया गया।
समारोह में सीमित संख्या में लोग पहुंचे। मंच पर चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न एक साथ राजसी वस्त्र में विराजमान हुए। कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश पाठक, महामंत्री विजय सिंह ने चारों भाइयों का माल्यार्पण किया। प्रभु राम ने भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न को गले से लगाया तो आंखें नम हो गईं। चारों भाइयों की जय-जयकार होने लगी।
संचालन प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्त सौरभ ने किया। सतीश चंद्र केसरवानी, दिनेश सिंह सराफा व्यवसाई, सुरेश चंद्र अग्रवाल, बसन्त लाल आजाद, विजय वैश्य, महेंद्र कुमार गुप्ता, कन्हैयालाल गुप्ता, गोपालजी केसरवानी, राजीव गुप्त बिट्टू, उमालाल पांडे, गिरधारी लाल अग्रवाल, राजेश वैश्य, राजेश पांडेय मौजूद रहे।




