रंगभरनी एकादशी पर ठाकुरजी को गुलाल अर्पण कर मांगे खुशियों के रंग

(अनुराग शुक्ला ) मथुरा (अनुराग दर्शन समाचार )। ठा. श्री प्रियाकान्त जू मंदिर पर होली महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा कहते हुये देवकींनदन महाराज ने कहा कि ब्रज रज की महिमा इसलिये ज्यादा है क्यांेकि इस माॅटी में स्वंय परमेश्वर श्रीकृष्ण खेंले हैं । कन्हैया ने इस माॅटी का सेवन किया इसमें लोट लगायी है । उनके शरीर का स्पर्श पाकर ब्रज की माटी धन्य हो गयी। उन्हांेने कहा कि श्रीकृष्ण को ब्रज और ब्रजवासी प्रिय हैं, उन्होने यहाँ बाल लीलायें की हैं । यह ब्रज आज भी उन लीलाओं का साक्षी है, ब्रजवासियों के पूर्वज श्रीकृष्ण के बाल सखा रहे हैं। इसलिये ब्रज और ब्रजवासी पूजनीय हैं। इससे पूर्व छटीकरा मार्ग स्थित ठा. श्री प्रियाकान्त जू मंदिर पर होली महोत्सव में रंगभरनी एकादशी मनायी गयी। भक्त मंदिर सेवायतों से ठाकुरजी पर चढ़ा गुलाल अपने मुख पर लगाकर निहाल हो रहे थे। होली के मधुर गीतों पर महिला श्रद्धालु झूम-झूमकर नृत्य करते हुये दिखायी दीं। देवकीनंदन महाराज ने ठाकुरजी विग्रह पर गुलाल लगाकर पुष्पों की होरी खेली। भक्तों पर यह पुष्प और गुलाल प्रसाद रूप में लुटाये। एकादशी व्रत रहे भक्तों ने अपने अराध्य को गुलाल अर्पण कर जीवन में सुख-समृद्धि के रंगों की कामना की। होरी के मधुर भजनों पर श्रद्धालु महिलाओं ने खूब नृत्य किया। मीडिया प्रभारी जगदीश वर्मा ने बताया कि मंदिर पर 17 मार्च को पूर्ण होली मनायी जायेगी। इसकी तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। विजय शर्मा, एस.के. जैन, सतीश गर्ग, गजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे ।



