21 वैदिक ब्राह्माणों के मंत्रोच्चार के बीच हनुमान जी का हुआ पूजन

मंदिरों में लगी रही भक्तों की भीड़
( अनंत पांडे )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। हनुमान मंदिरों में सुबह से अभिषेक, पूजन, भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। मेष लग्न लगने पर रत्नजड़ित आभूषणों, फल, पुष्प, तुलसी की माला धारण कराकर हनुमान जी का मोहक श्रृंगार किया गया। भक्तों ने हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया। भक्तों ने तरह-तरह की मन्नतों की पोटली लेकर संकटमोचन के दरबार में पहुंचकर उसे पूरा करने की अर्जी लगाई। बांध स्थित बड़े हनुमान मंदिर में रत्नजड़ित आभूषण, फूल, फल से हनुमान जी श्रृंगार किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने शाम को 56 भोग अर्पित करके मंत्रोच्चार के बीच आरती की। रात आठ बजे श्रृंगार आरती की गई। जनकल्याण के लिए मंदिर परिसर में श्रीराम नाम जप व सामूहिक सुंदरकांड का पाठ हुआ। वहीं, सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन मंदिर में हनुमान जी का दर्शन करने के लिए हजारों भक्त जुटे। मंदिर के अध्यक्ष बद्री विशाल टंडन व प्रबंधक सच्चिदानंद मिश्र ने विधि-विधान से हनुमान जी का श्रृंगार करके पूजन किया। श्रीकटरा रामलीला कमेटी प्रांगण में हनुमान जी की स्तुति हुई। सासद केशरीदेवी पटेल ने हनुमान जी का पूजन करके आरती उतारी। संचालन कर रहे कमेटी के महामंत्री गोपालबाबू जायसवाल ने हनुमान जी की महिमा का बखान किया। अध्यक्षता सुधीर गुप्त ‘कक्कू’ ने की। कार्यक्रम में विनोद केसरवानी, महेशचंद्र गुप्त, नवीन जायसवाल, सुचित गुप्त, श्रीप्रकाश भट्ट मौजूद रहे।
हनुमान मानस समिति द्वारा त्रिपौलिया स्थित प्राचीन बालस्वरूप हनुमान मंदिर में आचार्य किशोर पाठक, मुकेश पाठक, राजकुमार पाठक व नीरज पाठक ने मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक करके श्रृंगार किया। शाम को 21 वैदिक ब्राह्माणों के मंत्रोच्चार के बीच हनुमान जी का पूजन हुआ। मंदिर में सुबह से लेकर रात तक भक्तों का जमघट लगा रहा। भजन गायक आशुतोष श्रीवास्तव ने ‘रामजी मिलें न हनुमान के बिना.., संकटमोचन हैं महान.., बोलो श्रीराम जय राम जय-जय राम..’ आदि भजनों की प्रस्तुति करके माहौल भक्तिमय कर दिया।



