घर पर पहुंचा बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर ने किया कोर्ट में सरेंडर
सुलतानपुर (अनुराग दर्शन समाचार )। माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी भले मारा जा चुका है लेकिन उसके गुर्गे गैंग को आगे ले जा रहे हैं। इस गैंग का सदस्य सुल्तानपुर जिले का निवासी रिशू सिंह आतंक का पर्याय बन रहा था। कोर्ट के आदेश पर आज कई थानो की पुलिस फोर्स उसके घर बुलडोजर लेकर पहुंची। इसी समय पता चला कि बदमाश ने अयोध्या कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। जिस पर पुलिस ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोक दी है। बता दें कि हाल ही में मुन्ना बजरंगी के शूटर रिशू सिंह ने 28 मई को कोतवाली नगर अंतर्गत जेल रोड के निकट राजेंद्र नगर मोहल्ले के निवासी अंकुर अस्थाना का अपहरण किया था। अंकुर बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने सड़क किनारे खड़ा था। उसी समय सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी ने उसे अगवा कर लिया था। अपहरण का आरोप रिशु सिंह उर्फ देवांश सिंह निवासी कादीपुर और रमन सिंह पुत्र उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ नन्हे सिंह व तीन अज्ञात लोगों पर लगा था। बताया गया था कि राइफल के बल पर इन बदमाशों ने व्यापारी को जबरन गाड़ी में खींच कर बैठा लिया था। बदमाश अंकुर को कादीपुर-मोतिगरपुर के बीच अज्ञात स्थान पर ले गए थे और कुछ घंटे तक कमरे में बंद करके मारा पीटा था। आरोप यह भी था कि गाड़ी में यह लोग मुझे मारते-पीटते हुए ले गए मुझसे 5 लाख की रंगदारी भी मांगी थी। जैसे तैसे पीड़ित बचकर निकला तो पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन मिश्रा के पास गया था जहां उन्होंने घटना का संज्ञान लेते हुए कादीपुर कोतवाल को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। बता दें कि शहर के चर्चित अवंतिका गोलीकांड में रिशू सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आया था। होटल संचालक को गोली मारने के मामले में पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। रिशु सिंह के खिलाफ कई अन्य गंभीर आपराधिक वारदात के मुकदमे में पंजीकृत हैं। डीआईजी/एसपी डॉ विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि रिशू सिंह के विरुद्ध कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज था। वो 2 वर्षो से लगातार फरार चल रहा है। जिसमें सीजेएम कोर्ट सुलतानपुर ने धारा 83 तहत थाना पुलिस को कुर्की का आदेश दिया था। जिसके अनुपालन में उचित प्रबंध के साथ पुलिस आज उसके घर पहुंची। जहां अभियुक्त रिशु सिंह के पिता पेशे से अधिवक्ता हैं व अपने अन्य अधिवक्ता साथीगणों के साथ घर पर उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि अपराधी रिशु सिंह 13 जून को अयोध्या में थाना कोतवाली नगर अयोध्या के अपराध संख्या- 121/19 में जमानत निरस्त कराकर आत्मसमर्पण किया है। जिसकी पुष्टि कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।




