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गुटखा कंपनी के प्रोपराइटर की जमानत मंजूर

 

ड्रिस्टीब्यूटर से रकम लेकर माल नहीं भेजने का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान ड्रिस्टीब्यूटर से रकम लेकर उसे माल नहीं भेजने और महंगे दाम पर माल बाजार में बेच देने के आरोपी कंपनी प्रोपराइटर बस्ती के पवन कुमार अग्रहरि की जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व सरकारी वकील को सुनकर दिया है।
याची पर आरोप है कि वह गुटखा निर्माता कंपनी कमला पसंद के उत्पाद टोटल सिगरेट का वितरक है। उसने एक अन्य वितरक आरएल इंटरप्राइजेज की शालिनी विश्वकर्मा को कंपनी के सेल्स ऑफिसर बजरंग श्रीवास्तव और अश्विनी पांडेय के माध्यम से टोटल सिगरेट की एजेंसी दी और उसके बदले में एक करोड़ 59 हजार रुपये किश्तों में लिए। लगभग 70 लाख रुपये का माल सप्लाई करने के बाद कोराना लॉक डाउन लागू हो गया तो उसने माल भेजना बंद कर दिया। लेकिन लॉक डाउन हटने के बाद भी माल नहीं भेजा। बातचीत करने पर पता चला कि लॉक डाउन के दौरान उसने माल ज्यादा कीमत पर बेच दिया। शिकायतकर्ता को उसने रकम वापस करने का झांसा देकर चेक दिया लेकिन उसका भुगतान रुकवा दिया। इस पर बस्ती के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि शिकायतकर्ता और याची के बीच रुपयों के लेनदेन का विवाद है, जिसका हल आपराधिक मुकदमे में नहीं हो सकता है। याची जमानत पर रिहाई का हकदार है। कोर्ट ने तर्क मंजूर करते हुए शर्तों के साथ याची की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

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