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बैंक मर्जर के बाद बैकिंग व्यवस्था चौपट-विनय कुशवाहा

प्रधानमंत्री डिजिटल की बात करते हैं बैंक का सर्वर हमेशा बैठा रहता हैं

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने ध्वस्त बैंकिंग व्यवस्था पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 2014 के बाद बैंकों की स्थिति बद से बत्तर होती जा रही हैं । और चार्जेज बढ़ते जा रहे हैं । जिससे बैंकों के ग्राहक अपने को ठगा सा महसूस करते हैं।उन्होंने कहा कि जब से बैंकों का मर्जर हुआ है ।बैंक की स्थिति और खराब हो गई हैं । डिजिटल पेमेंट मे बहुत दिक्कत आ रही हैं । गूगल पे,फोन पे जैसे आनलाईन ट्रांजेक्शन हो ही नहीं रहे हैं । एक तरफ तो मोदी सरकार नोट बंदी के बाद नकद लेनदेन पर लगभग पाबंदी लगा दी दूसरी तरफ आनलाईन ट्रांजेक्शन सही से हो नहीं पा रहा है । तो व्यापारी और आम जनता कैसे लेनदेन करें।
उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी वाहवाही मे 15 लाख का लालच देकर सब का जनधन खाता खुलवा दिया। मोदीजी ने जिससें सीमित साधन वाले बैंक पर ओवर लोड हो गया वर्कलोड बढ़ा और सर्वर बैठने लगें ।
श्री कुशवाहा ने कहा कि पहले की अपेक्षा आज ग्राहकों को बैंकों की हर सर्विसेज के लिए अधिक पैसे देने के बाद भी सही और अच्छी सर्विस नहीं मिल रही हैं । और सबसे बड़ी बात की बैंकों में रखा उनका धन सुरक्षित रहेगा कि नहीं ये भी भरोसा नहीं है मोदी सरकार मे। प्रवक्ता ने कहा कि मोदीजी गांव-गांव तक तेज इंटरनेट पहुचाने की बात करते हैं 2014 के पहले से बत्तर स्थिति टेलिकम्युनिकेशन की हो गई हैं ना मोबाईल पर काल ठीक से हो पा रही हैं और ना ही इंटरनेट सही से चल पा रहा है शहरों में तो गांव कि स्थिति तो और खराब होगी।उन्होंने कहा कि पहले एयरसेल, आइडिया जैसे छोटी छोटी कई मोबाईल कम्पनी प्रतिस्पर्धा में सस्ती अच्छी सेवा दे रही थीं साथ ही बीएसएनएल भी शहर से लेकर दूरदराज गांव तक नेटवर्क फैलाया था लेकिन मोदी सरकार ने मुकेश अंबानी के “जिओ “को प्रमोट करा कर बाकी सभी की दूकान बंद करा दिया जिससें जिओ को लगभग मोनोपोली होती जा रही हैं जो देशहित और जनहित में नुकसान दायक हैं।

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