हेड कांस्टेबलों के वेतन में कटौती व वसूली पर रोक
हाईकोर्ट ने पूछा, किस शासनादेश के तहत घटाया वेतन
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज, मैनपुरी के पुलिस हेड कांस्टेबलों के वेतनमान से कटौती कर वसूली करने के अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से इस मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने नरेंद्र बहादुर तिवारी व 53 अन्य और दयानंद सिंह व चार अन्य तथा शिवराज की याचिका पर दिया है।
याचियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति 1984 में पुलिस कांस्टेबल पद पर की गई। दो दिसम्बर 2000 के शासनादेश के तहत उन्हें 14 साल की सेवा के बाद प्रथम प्रोन्नति वेतनमान एवं 24 साल की सेवा के बाद द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान पाने का अधिकार है लेकिन उन्हें इससे वंचित किया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। उसके बाद उन्हें द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान दिया गया। चार मई 2010 के शासनादेश से एसीपी लागू की गई, जिसके तहत 30 नवम्बर 2008 पे बैंड वालों को पुराना वेतनमान का हकदार माना गया है।
लगभग 12 साल बाद सात जुलाई 2020 को अपर पुलिस महानिदेशक ने 14430 रुपये वेतनमान को घटाकर 13500 रुपये कर दिया और सितंबर 2020 से अधिक वेतन भुगतान की वेतन से कटौती शुरू की गई है, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि किस शासनादेश के तहत याचियों का वेतन घटाया गया है और वेतन से कटौती की जा रही है।



