हलफनामा के साथ कोर्ट में हों हाजिर

16 साल से लंबित विरासत मामले में तहसीलदार को आदेश
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार फूलपुर, आजमगढ़ को पिछले 16 साल से लंबित विरासत दर्ज करने के आवेदन को वैधानिक अड़चन न होने की दशा में तय कर अनुपालन हलफनामा के साथ कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
न्यायमूर्ति वीके बिड़ला ने यह आदेश सुभाष चंद की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आरएन यादव व अभिषेक यादव ने बहस की। कोर्ट ने तहसीलदार को तीन माह में विरासत दर्ज करने की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। जिसका पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दायर की गई है। यह तथ्य आने के बाद कि वकील सहयोग नहीं कर रहे तो कोर्ट ने सख्त कार्यवाही नहीं की और आदेश पालन का निर्देश दिया। इसके बाद याची अधिवक्ता ने कोर्ट को पूरक हलफनामा दाखिल कर बताया कि एक तो केस की फाइल नहीं मिल रही, दूसरे अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। इस कारण कोर्ट आदेश की अवहेलना करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके लिए तहसीलदार को अवमानना में दंडित किया जाए। इस पर कोर्ट ने तहसीलदार को अनुपालन हलफनामे के साथ 12 जनवरी को हाजिर होने का आदेश दिया है।




