माघ मेला: आसपास बसे लोगों का हो रहा वेरिफिकेशन

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। माघ मेला क्षेत्र के आसपास बसे लोगों का वेरीफिकेशन शुरू किया जा रहा है। पूरी जानकारी जुटाने के बाद संबंधित व्यक्ति के मूल निवास से उसके चरित्र और आपराधिक गतिविधियों का पता लगाया जाएगा।
बाहर से आकर सक्रिय हो जाते हैं उचक्के, पुलिस ने बनाया रजिस्टर
इसके लिए पुलिस की 16 टीमें बनाई गई हैं। दरअसल, गंगा की रेती से लेकर आसपास के इलाके में तमाम महिलाएं और पुरुष निवास कर रहे हैं। सामान्य दिनों में वह गुब्बारा, खिलौने और सामान बेचते हैं। माघ मेला शुरू होते ही उनकी गतिविधियां बदल जाती हैं। साथ ही मेला से पहले चोर और टप्पेबाज भी आकर यहां बसने लगते हैं। इसकी आड़ में कोई अपराधी अपना ठौर न जमा ले और मेले के दौरान किसी घटना को अंजाम न दे दे इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस सभी का वेरीफिकेशन कर रही है।
पिछले साल भी वेरीफिकेशन के दौरान कई संदिग्ध व्यक्ति पकड़े गए थे, जिन्हें उनके जिले में भेज दिया गया था। इस बार भी पुलिस दारागंज, झूंसी, नैनी, सोरांव, शिवकुटी, मु_ीगंज, अतरसुइया थाना क्षेत्र के हर इलाके की तस्दीक कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि गंगा और यमुना किनारे कितने लोग रहकर जीविकोपार्जन के लिए क्या करते हैं। पुलिस के साथ ही एलआईयू के अधिकारी भी अपने-अपने स्तर पर इनपुट जुटा रहे हैं।
वेरीफिकेशन के लिए पुलिस ने एक रजिस्टर बनाया है, जिसमें मेला क्षेत्र के आसपास स्थायी और अस्थायी तौर पर बसे लोगों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करने के साथ ही उनकी एक तस्वीर ली जा रही है। आधार कार्ड सहित दूसरे पहचान पत्र से जानकारी को मिलाई जा रही है। यहां यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे कई प्रदेश के लोग आकर गुजर-बसर करते हैं। मेलाधिकारी पुलिस आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मेला क्षेत्र से सटे इलाके और आसपास रहने वाले लोगों का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


