…तो बीच राह खड़ी हो जाएंगी रोडवेज बसें

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लंबी दूरी की यात्रा के समय घना कोहरा मिला तो उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें बीच राह में खड़ी हो जाएंगी। सड़क से धुंध हटने के बाद बस चलेगी। रात में यात्रा सुरक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने संभावित कोहरे के मद्देनजर रात में बस संचालन के लिए गाइडलाइन जारी की है।
कोहरा के मद्देनजर रोडवेज ने जारी की गाइडलाइन
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) पीआर वेलवारियर की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि रात में बसों की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी। सामान्य दिनों में बसें 60-70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। रात की बसें अनुभवी चालक चलाएंगे। अधिकारियों को रूट पर कोहरे की जानकारी लेनी होगी। संभावित कोहरे के आधार पर बसों का संचालन होगा।
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचलन) पीआर बेलवारियर की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से यात्रियों को जानकारी देनी होगी। रात में बस चालक-परिचालकों के लिए थर्मस उपलब्ध कराना होगा। चालक-परिचालकों की एआरएम काउंसिलिंग करेंगे। परिवहन निगम के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कोहरा बढऩे पर गाइडलाइन का पालन शुरू हो जाएगा।
धुंध की निगरानी करने लगे स्टेशन मास्टर
प्रयागराज। पारा लुढ़कने के साथ रेलवे ने ट्रैक पर निगरानी शुरू कर दी है। स्टेशन मास्टर ट्रैक पर धुंध की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ट्रैक पर अधिक कोहरा होगा तो ट्रेनें विलंबित होंगी। कोहरे मे ट्रेनों की गति अधिकतम 75 किमी प्रति घंटा तय की गई है। कोहरा घना होगा तो ट्रेनें 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी चलाई जा सकती हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में गाजियाबाद-नई दिल्ली खंड में सबसे अधिक निगरानी हो रही है। उमरे के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि निगरानी बढ़ाई गई है। स्टेशन मास्टर ट्रैक पर धुंध की सूचना कंट्रोल रूम को दे रहे हैं। कंट्रोल रूम स्टेशन मास्टर से मिलने वाली सूचना के आधार पर ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रात में ट्रैक की जांच भी बढ़ाई गई है।




