हरिद्वार कुंभ को आगे आया अखाड़ा परिषद, उत्तराखंड के अधिकारियों को सिखाएगा ऐसा प्रबंधन

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना संक्रमण के मौजूदा दौर के बीच आयोजित हो रहे हरिद्वार कुंभ-2021 को लेकर उत्तराखंड सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है।
कुंभ मेला प्रशासन को किया प्रयागराज आमंत्रित
कुंभ की भीड़ से कोरोना की स्थिति भयावह हो सकती है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद प्रयागराज के माघ मेला से उत्तराखंड के अधिकारियों में व्याप्त कोरोना संक्रमण का भय दूर करेगा।
कुंभ क्षेत्र में टेंट लगाने, चिकित्सा, स्वच्छता व भीड़ का प्रबंधन कैसे हो? उसका गुर सिखाने के लिए परिषद ने मेला प्रशासन को प्रयागराज आमंत्रित किया है। अधिकारी नहीं आए तो पूरे क्षेत्र की वीडियो रिकार्डिंग करके उसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व प्रमुख अधिकारियों को भेजी जाएगी।
हरिद्वार कुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च, महाशिवरात्रि को पड़ेगा। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर हरिद्वार कुंभ मेला प्रशासन मेला क्षेत्र में टेंट नहीं लगवाना चाहता। न ही शाही स्नान में भीड़ एकत्र करने के पक्ष में है। हरिद्वार कुंभ प्रशासन परंपरा का निर्वाहन करने के लिए सिर्फ समस्त शंकराचार्य, अखाड़ों व प्रमुख महात्माओं को स्नान व रुकने की अनुमति देना चाहता है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि प्रयागराज में कोरोना6 काल में माघ मेला का आयोजन होगा। संगम तीरे हजारों कल्पवासी व संत टेंट के नीचे रहकर भजन-पूजन करेंगे। मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा व महाशवरात्रि जैसे स्नान पर्वों पर लाखों की भीड़ जुटेगी। हम इसी तर्ज पर हरिद्वार में व्यवस्था चाहते हैं।



