भाजपा वैक्सीन पर राजनीति ना करें कोरोना नये रूप में आ गया-रेवती रमण सिंह

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कोरोना वैक्सीन को लेकर मोदी-योगी सरकार की खिचाई करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के बीच वैक्सीन को लेकर जिस तरह से प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है उसको अवसर के रूप में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं।
वैक्सीन से व्यापारिक- राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध
भाजपा यह बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण हैं।उन्होंने कहा कि लोगों की लाश पर राजनीति नहीं होनी चाहिये जहाँ विदेश के लगभग सभी देशों मे शान्तिपूर्ण ढंग से बिना तामझाम के वैक्सीन लगना चालू हो गया पर भारत में महामारी के बीच वैक्सीन को अवसर के रूप में ले रही हैं सरकार। रोज नया नया शगूफा छोड़ा जाता हैं।उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी से ज्यादा पब्लिसिटी पर केंद्र व प्रदेश सरकार लगीं हैं।उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री वैक्सीन की तैयारी चुनाव की तर्ज पर करने के लिए कहा इसका क्या अर्थ निकलता है।
सांसद ने कहा कि कोरोना नये रूप(स्टेन) मे फिर से पैर फैला रहा है तो ऐसे में वर्तमान वैक्सीन कितना कारगर होगीं यह देखने की बात होगी डब्ल्यू एच ओ भी वैक्सीन को लेकर बहुत विश्वास मे नहीं है तो भारत में इसको लेकर सरकार इतने विश्वास मे कैसे हैं कहीं इसके पीछे भी व्यापारिक दिमाग काम तो नहीं कर रहा है ।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी मूल्य सीमा के कोरोना टीके के आयात-निर्यात को मंजूरी दी इससें क्या मैसेज जा रहा है की सरकार को एम आर पी और एम एस पी पर भरोसा नहीं है।उधोगपति चाहे जितना लाभ कमा ले उस पर कोई कंट्रोल नहीं सरकार सिर्फ पूंजीपतियों को संरक्षित कर रही हैं।जनता हर हाल में बेहाल हैं।
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने सिर्फ 6000 मकान का नये साल पर तोहफा दिया 130करोड़ आबादी वाले देश में और उस पर भी वाहवाही बटोरने की कोई कमी नहीं।
प्रवक्ता ने कहा कि माघमेला क्षेत्र को सील कर देना चाहिए क्योंकि मेला क्षेत्र मे अभी 5 होमगार्ड कोरोना संक्रमित मिलें क्योंकि जहाँ कोरोना संक्रमित मिलतें हैं उस पहले रोड़ और अब उस घर को शील कर दिया जाता हैं तो माघमेला जैसे अत्यधिक भीड़ वाले जगह को कैसे फ्री छोड़ कर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा सकता हैं।जबकि अभी आम स्नानार्थियों और कल्पवासियों की भीड़ नहीं हो रही हैं तो यह हाल है जब भीड़ का दबाव बढ़ेगा तो क्या स्थिति होगी यह बहुत शोचनीय हैं।




