परीक्षार्थी छात्राओं को मिलेगा दोहरा लाभ, अपने 100वें वर्ष में यूपी बोर्ड ने दिया तोहफा
(विनय मिश्रा) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। यूपी बोर्ड की स्थापना के 100वें साल में दसवीं और 12वीं की परीक्षा में बैठने वाली बेटियों को दोहरा फायदा मिलेगा। एक तरफ तो राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन बालिका विद्यालयों को केन्द्र निर्धारण की अनिवार्य अर्हताएं पूरी करने पर पहली बार प्राथमिकता के आधार पर सेंटर बनाने की व्यवस्था की गई है। वहीं दूसरी ओर स्कूल के केंद्र बनने पर बालिकाओं को स्वकेंद्र की सुविधा का भी लाभ मिलेगा। यानि यदि किसी स्कूल में छात्र-छात्राएं दोनों पढ़ते हैं और वह केंद्र बनता है तो उस स्थिति में छात्रों को दूसरे स्कूल में परीक्षा देनी होगी लेकिन छात्राओं को उसी स्कूल में सेंटर आवंटित किया जाएगा।
स्वकेंद्र वाला नियम पूर्व के वर्षों में भी था। इससे 2021 की परीक्षा में 10वीं एवं 12वीं की 25 लाख से अधिक छात्राओं को लाभ होगा। कोरोना काल में इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या 12 हजार से अधिक होने का अनुमान है। बालिका विद्यालय में बालक परीक्षार्थियों का आवंटन नहीं किया जाएगा। बालिका परीक्षार्थियों को जहां स्वकेंद्र या स्थानीय केंद्र की सुविधा नहीं दी जा सकती, वहां उन्हें अधिकतम 5 किमी की परिधि के परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी।



