सोनभद्र की घटना तंत्र की नाकामी-नरेन्द्र सिंह
मेजा, प्रयागराज। दो दिन पूर्व सोनभद्र जनपद के घोरावल छेत्र अन्तर्गत जमीनी विवाद मे हुए सामूहिक नरसंहार से पूरे प्रदेश का जन मानस दहल गया है।
सभी सामाजिक एवं राजनैतिक लोग इस भीषण नरसंहार की निन्दा कर रहे हैं। मेजारोड मे नरसंहार की निन्दा बैठक मे सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश सचिव नरेन्द्र सिंह ने इस घटना की पुरजोर निन्दा करते हुए शासन एवं प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भू माफियाओं द्वारा भूमि पुत्रों का किया गया नरसंहार दानवता की पराकाष्ठा है।
एक तरफ देश इक्कीसवीं सदी के अति आधुनिक सभ्यता वाले भारत देश के नागरिक होने का ढिढोरा पीट रहा है। जबकि दूसरी तरफ जमीन के टुकड़ों के लिए जमीन के असली हकदारों को सामूहिक रूप से मौत के घाट उतार दिया गया, इसे दानवता और बर्बरता ही कहा जा सकता है। श्री सिंह ने कहा कि सभ्य आचरण की दुहाई देने वाली योगी सरकार को लोक लाज के नाते इस नरसंहार की जिम्मेदारी लेते हुए स्तीफा दे देना चाहिए।
नरेन्द्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार मे कोई भी ब्यक्ति सुरक्षित नही है, उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो अकेले प्रयागराज जनपद मे प्रतिदिन दो से तीन हत्यायें हो रही हैं। पुलिस क्या कर रही है कुछ समझ में नही आता। पुलिस भी इन बेखौफ़ अपराधियों के सामने नतमस्तक हो चुकी है।
पुलिस की कस्टडी मे पुलिस की हत्या करके अपराधी भाग जा रहे हैं इससे ज्यादा शर्मनाक लापरवाही और क्या हो सकती है। बैठक मे उपस्थित किसान नेता लल्लन शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेन्द्र प्रताप सिंह, आशीष कुमार यादव, प्रेमचंद यादव,अरूण कुमार शर्मा, शिवानन्द शुक्ला, संतबक्स सिंह,फिरोज़ खान,छात्र नेता अमन प्रताप सिंह,शिबलू सिंह ने भी नरसंहार की कटु निन्दा करते हुए शासन एवं प्रशासन की आलोचना की।



